क्षेत्रीय
07-Mar-2026
...


ख्याति प्राप्त कवियों ने दी शानदार रचनाओं की प्रस्तुतियां, देर रात तक चला कवि सम्मेलन सारंगपुर (ईएमएस) । नगर में हिन्दू उत्सव समिति के तत्वावधान में शुक्रवार रात्रि को न्यू बस स्टेण्ड परिसर में भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। होली महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए ख्याति प्राप्त कवियों ने अपनी विशिष्ट शैली में काव्य पाठ करते हुए श्रोताओं को देर रात तक अपनी रचनाओं से बांधे रखा। कार्यक्रम में वीर रस, हास्य-व्यंग्य, गीत, ग़ज़ल और श्रृंगार रस की मनमोहक प्रस्तुतियों से सजी काव्यधारा बहती रही, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात मंचासीन अतिथियों का पुष्पमालाओं से स्वागत एवं सम्मान किया गया। कवियित्री डॉ. प्रीति त्रिपाठी द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कवि सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के सूत्रधार पंकज पलाश (शाजापुर) रहे, जिनकी सधी हुई प्रस्तुति और मधुर शायरी ने कार्यक्रम में निरंतर उत्साह बनाए रखा। कवि सम्मेलन का संचालन विख्यात कवि शशिकांत यादव (देवास) द्वारा प्रभावी और रोचक शैली में किया गया। उन्होंने बीच-बीच में अपनी देशभक्ति से ओतप्रोत कविताओं से श्रोताओं में जोश भर दिया, जिससे पूरे परिसर में वंदे मातरम् और भारत माता की जय के जयघोष गूंज उठे। कवि सम्मेलन में हास्य कवि अर्जुन अल्हड़ (कोटा) और नरेंद्र नखेतरी (कायथा) ने अपने हास्य और व्यंग्य से भरपूर काव्य पाठ से श्रोताओं को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। वहीं दिनेश देसी घी (बेरछा) ने अपनी पैरोडी और हास्य कविताओं से वातावरण को अत्यंत खुशनुमा बना दिया। उनकी प्रस्तुतियों में हास्य के साथ-साथ प्रेरणा का संदेश भी छिपा हुआ था, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से कवियों का उत्साहवर्धन किया। इस काव्य श्रृंखला में औरैया (उत्तर प्रदेश) से आए वीर रस के कवि अजय अंजाम ने अपने ओजस्वी काव्य पाठ से श्रोताओं के मन में देशभक्ति की भावना जागृत कर दी। उन्होंने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके घोड़े चेतक की स्वामीभक्ति का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उनकी पंक्तियां “अब मैं चलता हूँ राणा, मेरे सिर पर हाथ फेर कर मुझे विदा करो” सुनकर कई श्रोताओं की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण भावुक हो उठा। इसी क्रम में कवियित्री डॉ. प्रीति त्रिपाठी ने श्रृंगार रस और होली की नोक-झोंक से सजे गीतों की प्रस्तुति दी, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। वहीं सूत्रधार पंकज पलाश ने अपनी शायरी और गीतों के माध्यम से पूरे माहौल को काव्यमय बना दिया और दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान हिन्दू उत्सव समिति द्वारा नगर में उत्कृष्ट समाज सेवा करने वाले विभिन्न संगठनों एवं संस्थाओं का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर महादेव मित्र मंडल, पर्यावरण समिति, मुक्तिधाम चक्रतीर्थ समिति, भारत माता सेवा समिति, साईं सेवा समिति, तुलादान संस्था, व्यापारी संघ, गल्ला व्यापारी संघ, सर्राफा व्यापारी संघ, सब्जी मंडी संघ, किराना व्यापारी संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, एकता समिति और हरिहर मिलन समिति सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों का केसरिया दुपट्टा ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। यह सम्मान डॉ. ध्रुव भल्ला के नेतृत्व में हिन्दू उत्सव समिति के सदस्यों द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभिक संचालन सुशील व्यास (सारंगपुर) द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी सहज शैली में कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। अंत में हिन्दू उत्सव समिति के उपाध्यक्ष संजय विजयवर्गीय द्वारा सभी अतिथियों, कवियों, आयोजकों एवं उपस्थित नगरवासियों का आभार व्यक्त किया गया। नरेन्द्र जैन/07 मार्च2026