इन्दौर (ईएमएस) मुक्तिधाम कर्मचारी के शर्मसार करने वाले एक लापरवाही पूर्ण सनसनीखेज मामले में परिजन की मौत के गम में गमगीन परिवार को और दुःखी करने के साथ उन्हें आक्रोशित भी कर दिया। मामला मृतक की अस्थियां संचित करने का है जिसमें लापरवाह कर्मचारी ने श्मशान घाट में अस्थियों के एक ही नंबर के तीन टोकन तीन अलग-अलग परिवारों को दें उन्होंने भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया। क्योंकि टोकन अनुसार एक मृतक के परिजनों ने अस्थियों का संचय भी कर लिया था तो दूसरे के परिजन अस्थियों को लेकर ओंकारेश्वर स्थिति खेडीघाट पर विसर्जन के लिए भी पहुंच गये दे। मामला पचकुइया मुक्तिधाम का है जहां इस अस्थियां गायब होने को लेकर हंगामे के बाद विवाद की स्थिति निर्मित हुई। पंचकुइया मुक्तिधाम पर कर्मचारियों की इस लापरवाही से हुए हंगामे की पुलिस को सूचना दी तो डायल 100 मौके पर पहुंची। एडीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया के अनुसार अगर संबंधित पक्ष शिकायत करता है तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं मामले में पंचकुइयां मोक्ष विकास समिति के अध्यक्ष वैभव बाहेती ने खेद जताते कहा है कि जिस कर्मचारी से गलती हुई है वह 35 सालों से मुक्तिधाम में सेवाएं दे रहा है। कोरोना जैसे संक्रमण में उसका सबसे अहम योगदान रहा। उसने भूलवश 12 की बजाय 13 नंबर के टोकन दे दिए जिससे गड़बड़ी हुई। बाहेती ने इसके लिए खेद जताया। इसके साथ ही कर्मचारी को समझाइश के साथ चेतावनी भी दी है कि आगे ऐसी गलती न हो। आनंद पुरोहित/ 07 मार्च 2026