लखनऊ,(ईएमएस)। उप्र की राजधानी लखनऊ में गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध का औपचारिक शंखनाद होने जा रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विजय मुहूर्त में गौमय गणेश की पूजा-अर्चना और गौ प्रतिष्ठा ध्वज की स्थापना के साथ अपने इस बड़े आंदोलन का आगाज करेंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना और उनसे जुड़ी धार्मिक भावनाओं को संवैधानिक सम्मान दिलाना है। जिला प्रशासन ने शहर की शांति व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस सभा के लिए हरी झंडी तो दे दी है, लेकिन इसके साथ 26 सख्त शर्तें भी लागू की हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी धर्म, जाति या भाषा के विरुद्ध भड़काऊ भाषण देना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आयोजक बिना पूर्व अनुमति के कोई भी जुलूस या शोभा यात्रा नहीं निकाल सकेंगे। इसके अतिरिक्त, ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है, जिसके तहत रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं होगा और ध्वनि का स्तर 75 डेसीबल से अधिक नहीं रखा जा सकेगा। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हालिया विवादों के घेरे में हैं। उन पर गंभीर व्यक्तिगत आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, हालांकि वर्तमान में हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। इस बीच स्वामी ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने समर्थकों से आह्वान किया है कि जो लोग लखनऊ नहीं पहुंच सकते, वे दोपहर ढाई बजे ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर अपने घरों में शंखनाद करें। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि गौ माता के प्रति आस्था रखने वाले हर व्यक्ति का इस आंदोलन में स्वागत है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच आयोजन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने यह शर्त भी रखी है कि पंडाल के भीतर सुरक्षा और पुलिस बल का खर्च आयोजकों को वहन करना होगा। किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में अनुमति तुरंत रद्द करने की चेतावनी दी गई है। वीरेंद्र/ईएमएस/11मार्च2026