-‘सेफसी विष्णु’ जहाज पर फारस की खाड़ी में हमला, 15 भारतीय क्रू मैंबर्स को सुरक्षित निकाला बगदाद,(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एक और दुखद घटना सामने आई है। बुधवार रात फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी कंपनी के क्रूड ऑयल टैंकर सेफसी विष्णु पर हुए हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि बाकी भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। यह हमला इराक के बसरा तट के पास इराकी समुद्री क्षेत्र में हुआ। जानकारी के अनुसार 11 मार्च को अमेरिकी कंपनी के इस तेल टैंकर पर ईरान द्वारा हमला किया गया। जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत संचालित हो रहा था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हमले में आत्मघाती नाव (सुसाइड बोट) का इस्तेमाल किया गया, जिससे जहाज को गंभीर नुकसान पहुंचा। हमले के समय जहाज पर कुल 27 क्रू मेंबर मौजूद थे। भारतीय दूतावास बगदाद ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू मेंबरों में से एक की मौत हो गई है, जबकि 15 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। दूतावास ने कहा कि वह इराकी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और बचाए गए भारतीय नाविकों से बातचीत कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। दूतावास ने मृतक क्रू मेंबर के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। हालांकि फिलहाल सुरक्षा और औपचारिक प्रक्रियाओं के चलते मृतक भारतीय नागरिक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। क्षेत्र में जारी सैन्य टकराव का यह 13वां दिन बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री मार्ग इस संघर्ष के कारण अत्याधिक संवेदनशील हो गए हैं। भारतीय झंडे वाले जहाजों को अनुमति सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। रिपोर्टों के अनुसार वे जहाज जो अमेरिका या इजराइल से सीधे तौर पर जुड़े नहीं हैं, उन्हें इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने दिया जा रहा है। इसी कारण फिलहाल भारतीय जहाजों को इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराया गया है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ते सैन्य हमलों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर भी चिंता बढ़ गई है। हिदायत/ईएमएस 12मार्च26