-राष्ट्रपति-पीएम मोदी से क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर करेंगे व्यापक चर्चा नई दिल्ली,(ईएमएस)। वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम 5 से 7 मई के बीच भारत आ रहे हैं। वियतनाम के राष्ट्रपति की भारत यात्रा का असली मकसद सैन्य साझेदारी बढ़ाना है। उनकी इस यात्रा पर भारत और वियतनाम के बीच 5,800 करोड़ की ब्रह्मोस मिसाइल डील हो सकती है। बता दें रूस और वियतनाम की दोस्ती बहुत गहरी है। दोनों देशों के बीच संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा हासिल है। वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव लाम के साथ एक हाई लेवल प्रतिनिधिमंडल भी होगा, जिसमें वियतनाम सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। राष्ट्रपति के साथ एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आएगा। अप्रैल में वियतनाम के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद लाम की भारत की यह पहली राजकीय यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक 6 मई को राष्ट्रपति भवन में लाम का औपचारिक स्वागत किया जाएगा। पीएम मोदी, राष्ट्रपति तो लाम के साथ द्विपक्षीय संबंधों के अलग-अलग पहलुओं के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लाम से मुलाकात करेंगी। उम्मीद है कि भारत के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी लाम से मिलेंगे। भारत यात्रा के दौरान वे बोधगया और मुंबई भी जाएंगे। बता दें भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं, जो पिछले कुछ सालों में लगातार गहरे हुए हैं। लाम की यह यात्रा एक विशेष अवसर पर हो रही है, जब दोनों देश अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाए जाने की 10वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इससे पहले 7 अप्रैल को पीएम मोदी ने लाम को वियतनाम के राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी और विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में नई दिल्ली और हनोई के बीच संबंध और भी गहरे होंगे। सिराज/ईएमएस 30अप्रैल26