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12-Mar-2026
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नई दिल्ली(ईएमएस)। ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष की तपिश अब देश की राजधानी दिल्ली की रसोई तक पहुंच गई है। वैश्विक तनाव के कारण ईंधन की आपूर्ति बाधित होने से दिल्ली के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी के चलते बुधवार को दिल्ली के कम से कम 12 प्रमुख रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों को अस्थायी रूप से अपने शटर गिराने पड़े। सीमित सप्लाई के कारण कई अन्य संचालक भी अपने किचन को चालू रखने के लिए भारी मशक्कत कर रहे हैं। वहीं ये भी बताया जा रहा है कि ब्लैक में एक सिलेंडर की कीमत 5 हजार रुपए चुकाना पड़ रही है। रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडरों का स्टॉक बेहद कम मात्रा में मिल रहा था, जो अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। स्टॉक समाप्त होने के कारण कई प्रसिद्ध आउटलेट्स को अपना संचालन बंद करना पड़ा है। इंडिगो हॉस्पिटैलिटी के संस्थापक अनुराग कटियार के अनुसार, स्थिति इतनी गंभीर है कि कई रेस्टोरेंट अब गैस के विकल्प के रूप में इंडक्शन या इलेक्ट्रिक कुकिंग का सहारा लेने की योजना बना रहे हैं ताकि अगले एक-दो दिनों में कामकाज फिर से शुरू किया जा सके। इस संकट के बीच रेस्टोरेंट संचालकों ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। रेस्टोरेंट संचालक गगनदीप सिंह सप्रा ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि गैस न होने के कारण उन्हें अपना संस्थान बंद करना पड़ा है। उन्होंने खुलासा किया कि ब्लैक मार्केट में एक कमर्शियल सिलेंडर के लिए 5000 रुपये से भी अधिक की मांग की जा रही है। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब आधिकारिक सप्लाई रुकी हुई है, तो कालाबाजारी करने वालों के पास सिलेंडर कहाँ से आ रहे हैं? ईंधन का यह संकट केवल एलपीजी तक सीमित नहीं है। पाइप्ड नेचुरल गैस की सप्लाई में भी कटौती की गई है। दरियागंज हॉस्पिटैलिटी के सह-संस्थापक अमित बग्गा ने बताया कि इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने औद्योगिक और व्यावसायिक ग्राहकों के लिए केवल 80 प्रतिशत सप्लाई की ही सलाह जारी की है। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ा है। पहाड़गंज स्थित मशहूर कश्मीर चुर-चुर नान के मालिक का कहना है कि उनके रेस्टोरेंट को रोजाना 3 से 4 सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन स्टॉक खत्म होने से उन्हें ताला लगाना पड़ा। गैस की किल्लत का असर न्यायिक परिसर तक भी जा पहुंचा है। दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों की कैंटीन में बुधवार को कुकिंग गैस खत्म होने के कारण मुख्य भोजन परोसना बंद करना पड़ा, जिससे वकीलों और कर्मचारियों को काफी परेशानी हुई। हालांकि, बाद में नई सप्लाई मिलने पर सेवाएं बहाल की गईं। फिलहाल दिल्ली का रेस्टोरेंट उद्योग इस उम्मीद में स्थिति पर नजर बनाए हुए है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होगा और गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य हो सकेगी। वीरेंद्र/ईएमएस/12मार्च2026