12-Mar-2026
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- शहर के प्रोफेसर ने उठाई छत्तीसगढ़ की धरोहरों को यूनेस्को में शामिल करने की मांग बिलासपुर (ईएमएस)। बिहार के नालंदा में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय युवा संवाद कार्यक्रम में बिलासपुर का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व देखने को मिला। 9 से 11 मार्च तक नालंदा ओपन विश्वविद्यालय में आयोजित युवा संवाद फॉर स्पिरिचुअल टूरिज्म कार्यक्रम में सीएमडी महाविद्यालय के समाज कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष नरेंद्र टंडन ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पर्यटन विभाग बिहार और प्रोजेक्ट प्वाइंट ओडिशा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ चीन, जापान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार सहित कई एशियाई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन से जोडऩा तथा भारत की सांस्कृतिक और भू-वैज्ञानिक धरोहरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना था। सिरपुर, गिरौदपुरी, कांगेर घाटी और मरीन फॉसिल पार्क को यूनेस्को सूची में शामिल करने की मांग कार्यक्रम में नरेंद्र टंडन ने छत्तीसगढ़ की चार प्रमुख धरोहरों सिरपुर पुरातात्विक स्थल, गिरौदपुरी धाम, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि ये स्थल ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भू-वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान के पात्र हैं। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की संभावनाएं नरेंद्र टंडन ने बताया कि छत्तीसगढ़ केवल धान का कटोरा ही नहीं बल्कि पर्यटन, सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक धरोहरों के मामले में भी समृद्ध राज्य है। प्रदेश में 200 से अधिक पर्यटन स्थल हैं, जिनमें कई स्थान अपनी विशिष्टता के कारण अंतरराष्ट्रीय महत्व रखते हैं। मनोज राज 11 मार्च 2026