राज्य
14-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में हाई कोर्ट ने आरोपी ओम कांत गुप्ता को कहा की ठगी के नेटवर्क को समझने के लिए पूछताछ जरूरी है। जिस वजह से जमानत खारिज की गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कथित डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में आरोपी ओम कांत गुप्ता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि पूरे ठगी के नेटवर्क और उसके तौर-तरीकों को समझने के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि रिकॉर्ड से पता चलता है कि सितंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच आरोपी के बैंक खाते में करीब 1.5 करोड़ रुपये जमा हुए और निकाले भी गए। इसके बावजूद आरोपी ने उस दौरान बैंक में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई। अदालत ने कहा कि इससे पहली नजर में यह दलील कमजोर पड़ती है कि उसे अपने खाते में हो रहे लेनदेन की जानकारी नहीं थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि यह मामला गंभीर साइबर धोखाधड़ी का है, जिसमें तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को झांसा देकर पैसे वसूले जाते हैं। ऐसे मामलों की संख्या देशभर में तेजी से बढ़ रही है, इसलिए जांच एजेंसियों को पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का मौका मिलना चाहिए। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में बताया कि आरोपी को पिछले साल जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया था। लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इसी वजह से पुलिस ने उसकी अग्रिम जमानत का विरोध किया। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/14/मार्च/2026