राष्ट्रीय
14-Mar-2026


लखनऊ (ईएमएस)। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की कई गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। सिलेंडर न मिलने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है और कई जगहों पर हंगामे की स्थिति भी देखने को मिल रही है। लखनऊ स्थित एक गैस एजेंसी पर एक ग्राहक इतना नाराज हो गया कि वह डिलीवरी गाड़ी के रास्ते में ही लेट गया। उसने कहा कि जब तक गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा, तब तक वह सड़क से नहीं उठेगा। गैस की कमी का असर आम लोगों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में फास्ट फूड की दुकानें, चाय-नाश्ते के ठेले और छोटे होटल आंशिक रूप से बंद हो गए हैं। गोमतीनगर, पॉलिटेक्निक चौराहा, निशातगंज और हुसड़िया जैसे क्षेत्रों में कई दुकानदारों ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे हैं, जिससे खाना बनाना मुश्किल हो गया है। शादी-समारोह और बड़े ऑर्डर लेने वाले कैटरर्स भी वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं। गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। कपूरथला, इंदिरानगर, आलमबाग, चौक और गोमतीनगर सहित कई इलाकों में लोग सुबह से लाइन में खड़े होकर सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि बुकिंग कराने के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे घरों में खाना बनाने में परेशानी हो रही है। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह लगभग 4 किलोमीटर दूर से सिलेंडर लुढ़काते हुए एजेंसी तक लाई थीं, लेकिन उन्हें खाली सिलेंडर लेकर ही वापस लौटना पड़ा। इस बीच प्रदेश की योगी सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य एवं रसद विभाग और जिला प्रशासन की प्रवर्तन टीमों ने प्रदेशभर में 1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 4 और अन्य लोगों के खिलाफ 20 एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 19 लोगों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई है। गैस की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। वे स्वास्थ्य भवन चौराहे पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से गैस संकट पर सरकार को घेरने की कोशिश की। इससे साफ है कि गैस की कमी ने आम जनता और कारोबारियों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आशीष दुबे /14 मार्च 2026