विरार (ईएमएस)। महाराष्ट्र के विरार में वसई-विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्वास्थ्य टीम ने कार्रवाई करते हुए एक अवैध स्पर्म बैंक रैकेट का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि बिना किसी सरकारी अनुमति या पंजीकरण के दाताओं से शुक्राणु एकत्र कर उनका भंडारण और बिक्री की जा रही थी। नगर निगम को मिली शिकायत के बाद आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष टीम बनाई। इस टीम का नेतृत्व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भक्ति चौधरी ने किया। 9 मार्च को टीम ने विरार पूर्व स्थित पद्मीबाई टॉवर में संचालित जीवदानी साइंटिफिक कंपनी पर अचानक छापा मारा। जांच में पाया गया कि यहां बिना वैध अनुमति के स्पर्म संग्रहण और स्टोरेज किया जा रहा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कंपनी के संचालक मयूर भागवत संख्ये और कमलेश शंकर खुत सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी अधिनियम 2021 का उल्लंघन कर रहे थे। संबंधित संस्था स्पर्म बैंक के रूप में पंजीकृत नहीं थी, इसके बावजूद वहां शुक्राणुओं का अवैध भंडारण और व्यापार किया जा रहा था। नगर निगम की शिकायत के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। इस मामले के साथ ही ठाणे जिले के बदलापुर में स्त्री बीज (ओवम) की अवैध तस्करी का मामला भी उजागर हुआ है। आरोप है कि सुलक्षणा गाडेकर नाम की महिला अपने घर से यह गैरकानूनी कारोबार चला रही थी। सुबोध/१४-०३-२०२६