15-Mar-2026
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प्योंगयांग,(ईएमएस)। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए अपनी बेटी के साथ एक शक्तिशाली मल्टी-रॉकेट लॉन्चर परीक्षण का निरीक्षण किया है। सरकारी मीडिया द्वारा रविवार को दी गई जानकारी के अनुसार, किम जोंग उन ने शनिवार को देश के पूर्वी तट पर 12 अति-सटीक 600 मिमी कैलिबर के रॉकेट प्रक्षेपकों के परीक्षण की निगरानी की। इस कदम को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे वार्षिक फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास के कड़े जवाब के रूप में देखा जा रहा है। उत्तर कोरिया ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि वह इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों का मुंहतोड़ जवाब देगा, जिन्हें वह अपने ऊपर आक्रमण की तैयारी और उकसावे के रूप में देखता है। परीक्षण के दौरान किम जोंग उन ने स्पष्ट किया कि यह अभ्यास उनके दुश्मनों को बेचैन करने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि इन हथियारों की मारक क्षमता के दायरे में आने वाला प्रतिद्वंद्वी का कोई भी सैन्य बुनियादी ढांचा बच नहीं पाएगा। किम ने यह भी रेखांकित किया कि इस परीक्षण के माध्यम से दुनिया उनके सामरिक परमाणु हथियार की विनाशकारी शक्ति को बेहतर ढंग से समझ सकेगी। दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, शनिवार को उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी सागर में लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है। परिषद ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों का सीधा उल्लंघन बताया है जो उत्तर कोरिया की किसी भी प्रकार की बैलिस्टिक गतिविधियों पर रोक लगाते हैं। जानकारों का मानना है कि 420 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले इन रॉकेट्स का मुख्य निशाना दक्षिण कोरिया और वहां तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। इस सैन्य निरीक्षण के दौरान किम जोंग उन की बेटी, किम जू ऐ भी उनके साथ नजर आईं। तस्वीरों में पिता-पुत्री विशाल जैतूनी-हरे रंग के लॉन्चिंग ट्रकों के पास चलते हुए और हथियारों के प्रक्षेपण का अवलोकन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। लगभग 13 वर्षीय किम जू ऐ 2022 के अंत से ही प्रमुख सैन्य परेडों और हथियार परीक्षणों में अपने पिता के साथ सक्रिय रूप से दिखाई दे रही हैं। दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि किम जोंग उन अपनी बेटी को अपने उत्तराधिकारी के रूप में तैयार कर रहे हैं। गौरतलब है कि किम जोंग उन ने हाल ही में अमेरिका को सीधी धमकी देते हुए कहा था कि यदि दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर कोई भी सैन्य कार्रवाई की गई, तो उसका परिणाम बेहद विनाशकारी होगा। वीरेंद्र/ईएमएस/15मार्च2026