राष्ट्रीय
15-Mar-2026
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अहमदाबाद(ईएमएस)। जून 2025 में हुए भीषण अहमदाबाद विमान हादसे की जांच एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। अमेरिका के एक प्रमुख हवाई सुरक्षा संगठन, एविएशन सेफ्टी फाउंडेशन ने सनसनीखेज दावा किया है कि इस दुर्घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जांच अधिकारियों को सौंपे ही नहीं गए थे। संगठन का कहना है कि इन तथ्यों के अभाव में की गई जांच की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े होते हैं। पियरसन ने विशेष रूप से बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (रजिस्ट्रेशन वीटी-एएनबी) का जिक्र करते हुए कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों से पता चलता है कि इस विमान के इलेक्ट्रिक सिस्टम में काफी समय से गंभीर खराबी चल रही थी। उनके अनुसार, दुर्घटना का शिकार होने से पहले इस विमान में बार-बार शॉर्ट सर्किट होने, धुआं निकलने और वायरिंग में दिक्कतों की शिकायतें दर्ज की गई थीं।दावे के मुताबिक, विमान को उसके परिचालन के दौरान कई बार इलेक्ट्रिक फाल्ट की वजह से आपातकालीन स्थिति में उतारा भी जा चुका था। पियरसन ने यह भी खुलासा किया कि विमान का पी100 पावर पैनल कई बार बदला गया था, जो कि एक असामान्य बात है। उन्होंने तकनीकी पक्ष रखते हुए बताया कि विमान के बाएं इंजन से बिजली की आपूर्ति होती थी और इस पूरे सिस्टम को तत्काल डिजाइन मोडिफिकेशन और सॉफ्टवेयर प्रोटेक्शन की जरूरत थी, जिसे नजरअंदाज किया गया। अमेरिकी विशेषज्ञ ने जांच प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने घटना से नौ महीने पहले तक सुधार के लिए कोई ठोस सिफारिश नहीं की थी। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि जांचकर्ताओं ने पूरे मामले को एक खास दिशा में मोड़ दिया और ऐसा नैरेटिव (विमर्श) तैयार किया जिससे हादसे की पूरी जिम्मेदारी तकनीकी खामी के बजाय पायलटों पर डाल दी गई। इन नए खुलासों के बाद अब विमानन क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग फिर से तेज होने लगी है। बता दें कि जून 2025 में हुए इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 260 लोगों की जान चली गई थी। अब इस मामले में नया मोड़ देते हुए एविएशन सेफ्टी फाउंडेशन के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर ईडी पियरसन ने जांचकर्ताओं को एक ईमेल भेजा है। पियरसन का दावा है कि उनके हाथ कुछ ऐसे गुप्त दस्तावेज लगे हैं, जो स्पष्ट रूप से संकेत देते हैं कि विमान दुर्घटना का असली कारण इलेक्ट्रिक फेल्योर (बिजली की विफलता) था। वीरेंद्र/ईएमएस/15मार्च2026