सीएम सरमा की सराहना करते हुए बोले— असम की स्वास्थ्य सेवाएं विकसित राज्यों के बराबर पहुंच रहीं गुवाहाटी,(ईएमएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में की जा रही पहल की सराहना करते हुए कहा कि असम तेजी से बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि करीब दस वर्ष पहले असम की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद जर्जर स्थिति में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस सरकारों ने आम लोगों के स्वास्थ्य की पर्याप्त चिंता नहीं की। शाह ने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से अब स्थिति तेजी से बदल रही है और राज्य स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने लगन और दूरदर्शिता के साथ काम करते हुए असम की चिकित्सा सुविधाओं को गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे विकसित राज्यों के समकक्ष लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि राज्य में अत्याधुनिक प्रोटोन थेरेपी तकनीक स्थापित करने की तैयारी की जा रही है, जिसकी लागत लगभग 400 करोड़ रुपये होगी। यह तकनीक आम तौर पर बहुत महंगी होती है और अभी देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। इसके लागू होने के बाद असम देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां सरकारी कैंसर अस्पताल में प्रोटोन थेरेपी की सुविधा मिलेगी। शाह ने कहा कि गुवाहाटी में लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से बने प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन किया गया है। इसके अलावा गोलाघाट और तीनसुखिया में कैंसर केंद्रों की स्थापना की जा रही है। साथ ही दीफू, बरपेटा और जोरहाट में नए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों तथा अभयापुरी जिला अस्पताल के शिलान्यास का कार्य भी किया गया है। उन्होंने कहा कि एक ही दिन में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी इतनी बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत असम को चिकित्सा सुविधाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी मरीज इलाज के लिए बाहर न जाए और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों तथा पश्चिम बंगाल के गरीब मरीज भी असम आकर बेहतर इलाज प्राप्त कर सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में असम पूर्वोत्तर भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। हिदायत/ईएमएस 15मार्च26