लोकसभा ने विपक्ष के आठ सांसदों का निलंबन रद्द किया नई दिल्ली (ईएमएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों और मंत्रियों से संक्षिप्त संवाद करने की अपील फिर से की। सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्य जीएम हरीश बालयोगी के पूरक प्रश्न का उत्तर देते समय लंबा भाषण दे रहे थे, तब लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने उन्हें रोकते हुए कहा, “आप भाषण क्यों दे रहे हैं? जितना पूछा जाए उतना जवाब दें। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि प्रश्नकाल में समय का सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए उन्हें संक्षिप्त उत्तर देने की कोशिश करनी चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सदस्यों से आग्रह किया कि वे संक्षिप्त प्रश्न पूछें ताकि सूचीबद्ध सभी 20 पूरक प्रश्न समय पर पूछे जा सकें। प्रश्नकाल के दौरान ही उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि “समय कम है, मंत्रीजी को लंबा जवाब देना है,” ताकि सदन में कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके। इसके साथ ही लोकसभा ने विपक्ष के आठ सांसदों का निलंबन रद्द किया। ये सांसद बजट सत्र के पहले चरण में सदन की अवमानना के कारण निलंबित किए गए थे। निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजीजू ने रखा, इस प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। इसके पहले कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश ने निलंबन रद्द करने का अनुरोध किया और विपक्षी सांसदों के आचरण पर खेद जताया। निलंबन के कारण तीन फरवरी को बजट सत्र के दौरान कुछ विपक्षी सांसदों द्वारा आसन की ओर कागज फेंकना और अन्य असभ्य व्यवहार था। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एस. वेंकटेशन शामिल थे। निलंबन के दौरान ये सांसद संसद के मकर द्वार पर धरना देते रहे। इस घटनाक्रम से स्पष्ट हुआ कि लोकसभा अध्यक्ष का प्रयास सदन की कार्यवाही को समयबद्ध और व्यवस्थित बनाना है, जबकि निलंबन रद्द करने से विपक्ष और सरकार के बीच सामंजस्य का संकेत भी मिला। आशीष दुबे / 17 मार्च 2026