नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय राजनीति में हाल ही में वरुण गांधी की सक्रियता को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में हाशिये पर चल रहे वरुण गांधी ने अपने परिवार के साथ मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें उनकी पत्नी और बेटी भी दिख रही हैं। वरुण गांधी ने मुलाकात को खास बताकर लिखा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से “पितृवत स्नेह और मार्गदर्शन” मिला। उनके इस भावनात्मक बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या वे फिर से पार्टी की मुख्यधारा में लौट सकते हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें भविष्य में कोई अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है, खासकर उन राज्यों में जहां चुनाव होने वाले हैं, जैसे पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी उनका इस्तेमाल कर सकती है। गौरतलब है कि वरुण गांधी ने 2009, 2014 और 2019 में उत्तर प्रदेश की पीलीभीत सीट से लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव जीता था। हालांकि, 2024 के आम चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके पीछे उनकी सरकार विरोधी टिप्पणियों को कारण माना गया। किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की खुलकर आलोचना की थी और किसानों के मुद्दों पर मुखर रहे थे। इसी वजह से पार्टी में उनकी स्थिति कमजोर होती गई और उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी से भी बाहर कर दिया गया। तब यह भी कयास लगाए गए थे कि वे पार्टी छोड़ सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टिकट कटने के बाद वे काफी समय तक सार्वजनिक रूप से शांत रहे। अब प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर फिर से संभावनाएं बनती दिख रही हैं। आशीष दुबे / 17 मार्च 2026