-1825 सिलेंडर जब्त, 8 मामलों में एफआईआर दर्ज भोपाल (ईएमएस)। प्रदेश में रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन माफिया ने खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध की आड़ में रसोई गैस का संकट पैदा किया। प्रदेश में कई स्थानों पर रसोई गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी की गई। ऐसे में प्रशासनिक अमले ने 1116 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई कर 1825 गैस सिलेंडरों को जब्त किया है। ऐसे 8 प्रकरणों में एफआईआर भी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश भर में रसोई गैस समेत आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। राज्य सरकार की ओर से प्रतिदिन गैस एजेंसियों के संचालन, सिलेंडर वितरण और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की स्थिति नियमित समीक्षा की जा रही है। सभी जिला कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि सूचना-तंत्र सुदृढ़ कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करें। यदि कहीं वितरण व्यवस्था में अनियमितता या विलंब की शिकायत मिलती है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए। यही वजह है कि अभी तक एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश में 1116 स्थानों पर कार्यवाही कर 1825 सिलेंडर जब्त किये गए तथा 08 प्रकरण में एफआईआर की गयी। पेट्रोल-डीजल को लेकर 6 समितियां बनाईं पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी है, जो प्रदेश में कामर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी। सरकार ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओ से आग्रह किया गया है कि वे उपलब्धता अनुसार पीएनजी के कनेक्शन लें। पीएनजी की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और आगे भी जारी रहेगी। ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है। साथ ही गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है। प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेण्डर उपलब्ध हैं। 25 दिन बाद ही लें दूसरा सिलेंडर राज्य सरकार एवं ऑयल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं से भी अलील की है कि अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुन: बुकिंग करायें। प्रशासन द्वारा वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह भी दी गई है। जिन कार्यों में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रदेश में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति जारी है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। विनोद / 17 मार्च 26