ग्वालियर ( ईएमएस ) । विज्ञान भारती, मध्यभारत प्रांत, ग्वालियर द्वारा एक दिवसीय उच्च स्तरीय कार्यशाला “शोध Connect – विचार से शोध, और शोध से प्रभाव तक” का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में लगभग 200 शोधार्थियों, प्राध्यापकों एवं युवा संकाय सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे यह कार्यक्रम अत्यंत प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। उद्घाटन सत्र में प्रवीण रामदास , राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री, विज्ञान भारती; कुलगुरु वाजी विश्वविद्यालय, डॉ. राजकुमार आचार्य जी; विभाग प्रमुख प्रह्लाद सबनानी ; डॉ. एस. एन. सिंह तथा रणजीत सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर सभी अतिथियों ने “शोध Connect” के विषय की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। साथ ही डॉ. राजकुमार आचार्य एवं प्रह्लाद सबनानी ने विषय पर अपने उद्बोधन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए शोध को समाजोन्मुख एवं प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान एवं संवाद सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को शोध के विविध आयामों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। विशेषज्ञों ने समावेशी शोध, बहुविषयक एवं अंतर्विषयक अनुसंधान, जिम्मेदार शोध एवं नवाचार, शोध परियोजनाओं के वित्तपोषण तथा प्रभावी वैज्ञानिक लेखन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला का उद्देश्य शोधार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए, उनके शोध कार्यों को समाजोपयोगी दिशा प्रदान करना तथा अकादमिक, उद्योग और समाज के बीच समन्वय स्थापित करना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से संवाद का अवसर भी प्राप्त हुआ, जिससे उनके शोध संबंधी प्रश्नों का समाधान हुआ और नए दृष्टिकोण विकसित हुए। कार्यक्रम का संचालन सपन पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर विज्ञान भारती के प्रांत सचिव संजय कौरव, ग्वालियर इकाई के सचिव डॉ. ऋषि सोनी, आर. के. चतुर्वेदी, मनोज निरंजन, पवन अग्रवाल, अमित सोनी, योगेश इंदोरिया, विनय सिंह, कपिल कांत, आशुतोष खरे, श्री मुकेश पांडेय, श्री अभिनव विध्वंश, श्री अवधेश निरंजन तथा श्री नंद किशोर विशेष रूप से उपस्थित रहे एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में शोधार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। इस सफल आयोजन ने क्षेत्र में एक सशक्त शोध संस्कृति के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रखा। यह जानकारी संस्थान की मीडिया प्रभारी श्रीमती दीपा सिंह सिसोदिया के द्वारा दी गयी।