- 20 लाख एकमुश्त और 20 हजार मासिक सहायता पर चर्चा रायपुर (ईएमएस)। विधानसभा के प्रश्नकाल में वीरता पदक प्राप्त करने वाले जवानों और अधिकारियों को दी जाने वाली सम्मान राशि का मुद्दा प्रमुखता से उठा। भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो ने इस विषय पर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी और गैलेंट्री अवार्ड से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट करने की मांग की। प्रश्नकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि रामकुमार टोप्पो स्वयं भी सेना के जवान रह चुके हैं, इसलिए उन्हें इस विषय की जानकारी है। इस पर टोप्पो ने पलटकर पूछा कि वीरता पुरस्कार तय करने की प्रक्रिया क्या है और इसके तहत मिलने वाले लाभों का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने जवाब में बताया कि वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवानों एवं अधिकारियों को सम्मान स्वरूप आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में वीरता पुरस्कार पाने पर संबंधित नियोक्ता जिस बल में वे कार्यरत हैं उनके द्वारा एकमुश्त 20 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से 20 हजार रुपये प्रतिमाह जीवनपर्यंत देने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस एवं सशस्त्र बल के जवानों को राष्ट्रपति वीरता पदक एवं अन्य वीरता पदक मिलने पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित मौद्रिक भत्ता दिया जाता है। वहीं, राज्य पुलिस बल के कार्मिकों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक मिलने पर राज्य सरकार की ओर से अलग से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। गृहमंत्री ने आगे बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी, जो राज्य बलों, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों या सेना में सेवारत हैं, अथवा राज्य के आम नागरिक/पुलिस कार्मिक—यदि उन्हें शौर्य या युद्ध सेवा मेडल श्रृंखला के अंतर्गत कोई पदक प्राप्त होता है तो उन्हें अनुदान राशि या भूमि के एवज में नगद राशि प्रदान की जाती है। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/19 मार्च 2026