* जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर टिप्पणी को बताया असंस्कारी; एलपीजी कीमतों और उज्ज्वला योजना पर भी उठाए सवाल अहमदाबाद (ईएमएस)| भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता हेमांग रावल ने एक तीखा खुला पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक मंच से देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणियों को “असंस्कारी और इतिहास के प्रति अज्ञानता” करार दिया है। रावल ने अपने पत्र में लिखा कि देश में घरेलू एलपीजी गैस व्यवस्था की शुरुआत 1955 में बर्मा शेल के जरिए हो चुकी थी, जिसके बाद इंडियन ऑइल कोर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियमऔर हिन्दुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियों ने देशभर में गैस वितरण का व्यापक नेटवर्क तैयार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जिस व्यवस्था का श्रेय लिया जा रहा है, वह दशकों की योजनाबद्ध नीतियों और निवेश का परिणाम है। पत्र में तंज कसते हुए रावल ने लिखा कि जब विश्वकर्मा बचपन में थे, तब भी देश के लाखों घरों में गैस चूल्हे जल रहे थे। उन्होंने कहा कि 2013 तक देश में लगभग 15 करोड़ एलपीजी कनेक्शन पहले से मौजूद थे, जिसे नजरअंदाज कर वर्तमान सरकार उपलब्धि का दावा करती है। रावल ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “मुफ्त कनेक्शन देने के बावजूद बढ़ती कीमतों के कारण करोड़ों गरीब परिवार गैस रिफिल नहीं करा पा रहे हैं, जिससे कई कनेक्शन निष्क्रिय हो गए हैं और महिलाएं फिर से लकड़ी के चूल्हे पर लौटने को मजबूर हैं।” उन्होंने आगे पूछा कि यदि राजस्थान में भाजपा सरकार 500 रुपये में गैस सिलेंडर दे सकती है और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर में मुफ्त सिलेंडर का ऐलान कर सकते हैं, तो गुजरात में गैस की कीमतें करीब 1000 रुपये क्यों हैं। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि भाजपा के अंदरूनी संगठन में अपनी पकड़ मजबूत न होने के कारण विश्वकर्मा इस तरह के बयान देकर सुर्खियों में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं। रावल ने चेतावनी दी कि “सस्ती लोकप्रियता के लिए किए गए ऐसे प्रयास जनता के बीच सम्मान नहीं दिला सकते।” अंत में रावल ने कहा कि जनता अब भाषणों से नहीं, बल्कि रसोई खर्च, गैस की कीमतों और बढ़ती महंगाई से राहत चाहती है। उन्होंने विश्वकर्मा से भाषा में संयम रखने और इतिहास के प्रति सम्मान दिखाने की अपील की। सतीश/19 मार्च