राज्य
19-Mar-2026


* पूर्व घातक स्टेज पर 3,000+ मामलों की पहचान, 33 जिलों में स्क्रीनिंग अभियान और आउटरीच पहल से हजारों जीवन सुरक्षित गांधीनगर (ईएमएस)| गुजरात का गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीडीसीएच), अहमदाबाद आज न केवल गुजरात बल्कि पड़ोसी राज्यों के लिए भी मुख स्वास्थ्य और ओरल कैंसर की रोकथाम का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व में इस संस्था ने ओरल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ एक मजबूत ढाल तैयार की है। गुजरात सरकार की ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ नीति का ही परिणाम है कि आज कैंसर को उसके पनपने से पहले ही (पूर्व घातक स्टेज पर) पहचानने में बड़ी सफलता मिल रही है। यह प्रयास न केवल जीवन बचा रहा है, बल्कि स्वास्थ्य तंत्र पर पड़ने वाले दबाव को भी प्रभावी रूप से कम कर रहा है। * वर्ष 2025 में जीडीसीएच संस्थान की विशेष पहल से हुई 3,023 प्री-कैंसर केस की पहचान वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे 2026 के अवसर पर जारी आंकड़ों के अनुसार, जीडीसीएच अहमदाबाद ने वर्ष 2025 में ओरल कैंसर की पूर्व अवस्था यानी पूर्व-घातक रोग (पीएमडी) के 3,023 मामलों की पहचान की, जो वर्ष 2024 के 2,617 मामलों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। शुरुआती स्तर पर इन रोगों की पहचान ने न केवल हजारों परिवारों को कैंसर के खौफ से बचाया है, बल्कि राज्य के कैंसर संस्थानों पर पड़ने वाले सर्जिकल बोझ को भी कम किया है। * स्क्रींनिंग और जागरूकता: 33 जिलों में 282 डेंटिस्ट्स का मिशन मोड अभियान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में, राज्य की एनओएचपी (नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम) टीम और जीडीसीएच अहमदाबाद ने वर्ल्ड ओरल डे मन्थ (20 मार्च से 20 अप्रैल 2025) के दौरान एक व्यापक अभियान चलाया था। इस दौरान राज्य के 33 जिलों में 282 डेंटिस्ट्स द्वारा 12,915 लोगों की सघन स्क्रीनिंग की गई। इस अभियान के दौरान 265 हेल्थ टॉक्स आयोजित किए गए, 2 वॉकथॉन निकाली गईं और 94 स्थानों पर ‘तंबाकू निषेध’ की शपथ दिलाई गई। साथ ही, ग्रामीण स्तर पर मुख स्वास्थ्य की निगरानी को मजबूत करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे कैंसर की पहचान जमीनी स्तर तक संभव हो सकी। इसी कड़ी में, जीडीसीएच संस्थान की नियमित ओपीडी सेवाओं ने भी मुख स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को स्पष्ट रूप से दर्शाया है। जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के दौरान कुल 2,24,130+ मरीजों ने डेंटल ओपीडी सेवाओं का लाभ लिया। वहीं वर्ष 2026 में भी यह रुझान निरंतर बना हुआ है, जहाँ जनवरी माह में 17,788 और फरवरी माह में 17,564 मरीजों ने उपचार प्राप्त किया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में लोग अब समय रहते ओरल हेल्थ के प्रति जांच और उपचार के प्रति अधिक सजग हो रहे हैं। * जीडीसीएच की आउटरीच पहल: स्कूल से लेकर जेल तक पहुँच रहा अत्याधुनिक उपचार गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीडीसीएच), अहमदाबाद ने अपने नियमित चिकित्सकीय कार्यों से आगे बढ़कर समाज के वंचित और दूरस्थ वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का सराहनीय कार्य किया है। इस पहल के अंतर्गत मोबाइल डेंटल टीम और 45 विशेष डेंटल कैंपों के माध्यम से जेल कैदियों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और विशेष बच्चों सहित 4,980+ लाभार्थियों तक ओरल हेल्थ जाँच सेवाएँ सफलतापूर्वक पहुँचाई गईं। इस पहल की विशेषता यह रही कि एक ओर जहाँ जेल कैदियों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए पृथक स्क्रीनिंग और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में आयोजित डेंटल कैंपों में विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों को प्राथमिकता के साथ उपचार उपलब्ध कराया गया। बच्चों के दंत स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए ‘पिट एंड फिशर सीलेंट’ और ‘फ्लोराइड वार्निश’ जैसे आधुनिक प्रिवेंटिव उपचार स्कूल परिसरों में ही प्रदान किए गए, ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही दाँतों से संबंधित रोगों और अन्य ओरल हेल्थ समस्याओं की प्रभावी रोकथाम की जा सके। वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे के अवसर पर प्रस्तुत जीडीसीएच अहमदाबाद के ये प्रयास और उपलब्धियाँ इस बात को रेखांकित करती हैं कि यह संस्थान देश में ओरल हेल्थ केयर के क्षेत्र में एक ‘रोल मॉडल’ के रूप में तेजी से स्थापित हो रहा है। सतीश/19 मार्च