राष्ट्रीय
19-Mar-2026
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-पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट के दो प्रोडक्शन बेंचों का सफल परीक्षण नई दिल्ली (ईएमएस)। एक ओर मिडिल ईस्ट में ईरान की इजराइल और अमेरिका के साथ बेहद खतरनाक जंग जारी है। मिसाइलें, ड्रोन और एयर स्ट्राइक हर दिन हालात और ज्यादा गंभीर बना रहे हैं। लेकिन इसी बीच भारत ने चुपचाप एक ऐसा कदम उठाया हैं, जिसने पूरी दुनिया को दो टूक संदेश दिया कि भारत अब सिर्फ देख नहीं रहा बल्कि पूरी तैयारी में है। भारत ने पहली बार पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट के दो प्रोडक्शन बेंचों का सफल परीक्षण किया है। इस ऐतिहासिक परीक्षण को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अंजाम दिया गया। वहीं पोखरण जहां भारत ने अपने परमाणु परीक्षणों से दुनिया को चौंका दिया था और अब उसी धरती से फिर भारत की ताकत की गूंज सुनाई दे रही है। इस टेस्ट में कुल 24 पिनाका एनहांस रॉकेट लांच किए गए। इस परिक्षण के बाद पड़ोसी आंतकी मुल्क पाकिस्तान की हल्क में जान आ गई है। इनका उद्देश्य था इनकी सटीकता, निरंतरता और मारक क्षमता को परखना और रिपोर्ट्स के मुताबिक इन रॉकेट्स ने हर पैरामीटर पर शानदार प्रदर्शन किया। अब सवाल उठता है कि यह पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट आखिर है क्या? दरअसल पिनाका एक मल्टीबैरल रॉकेट लांच सिस्टम है, जो कि पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है। यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में दर्जनों रॉकेट दाग सकता है और दुश्मन के बड़े इलाके को तबाह कर सकता है। लेकिन इस नए वर्जन यानी कि एक्सटेंडेड रेंज की खास बात यह है कि इसकी मारक क्षमता पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दी गई है। जहां पहले इसकी रेंज करीब 40 कि.मी.थी, वहीं अब 70 से 90 कि.मी. तक सटीक वार कर सकता है। यानी अब भारतीय सेना दुश्मन को दूर से और ज्यादा सटीक तरीके से निशाना बना सकती है। और सबसे बड़ी बात यह टेस्ट सिर्फ एक प्रोटोटाइप का नहीं था बल्कि दो अलग-अलग प्रोडक्शन बेंचों का था। इसका मतलब होता है कि अब यह टेक्नोलॉजी सिर्फ लैब तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार है। इस पूरे परीक्षण को निजी डिफेंस कंपनी सोलार ग्रुप ने अंजाम दिया। यह दिखाता है कि भारत में प्राइवेट सेक्टर भी अब डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। अब जरा इस खबर को ग्लोबल परिपेक से समझिए। एक तरफ ईरान और इजराइल के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका भी संघर्ष में सीधे शामिल है। पूरी दुनिया में युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। इसके बाद भारत का यह परीक्षण सिर्फ एक सैन्य उपलब्धि नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश है। संदेश यह है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। संदेश यह है कि भारत अब किसी पर निर्भर नहीं है और संदेश यह है कि भारत अब टेक्नोलॉजी और ताकत दोनों में तेजी से आगे बढ़ चुका है। बता दें, आधुनिक युद्ध सिर्फ सैनिकों की संख्या से नहीं जीते जाते। आज की लड़ाई टेक्नोलॉजी सटीकता और दूरी से लड़ी जाती है और पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट इसी नई युद्ध नीति का सबसे बड़ा हिस्सा है। खैर आज जब दुनिया में हर तरफ अनिश्चितता है। आशीष दुबे / 19 मार्च 2026