वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद से पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। इस सैन्य संघर्ष को आज 20 दिन पूरे हो चुके हैं। इसी बीच, व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। हालांकि, रणनीतिक चर्चाओं के बीच राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए पर्ल हार्बर हमले के जिक्र ने माहौल को कुछ हद तक तनावपूर्ण और असहज बना दिया। बैठक की शुरुआत काफी हल्के-फुल्के अंदाज में हुई थी। ट्रंप ने जापानी प्रधानमंत्री की अंग्रेजी भाषा पर पकड़ की सराहना की और मजाकिया लहजे में कहा, क्या आप अंग्रेजी समझती हैं? बहुत बढ़िया... अच्छा है कि हमें अनुवाद के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने आगे हंसते हुए यह भी कहा कि अगली मुलाकात तक वह खुद जापानी भाषा सीखने की कोशिश करेंगे।लेकिन यह खुशनुमा माहौल तब बदल गया जब ईरान पर हुए हमलों को लेकर ट्रंप से एक तीखा सवाल पूछा गया। ट्रंप से पूछा गया कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले की जानकारी अपने सहयोगियों को पहले क्यों नहीं दी? इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, हमने किसी को नहीं बताया क्योंकि हम सरप्राइज देना चाहते थे। और सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है? इसके तुरंत बाद ट्रंप ने ताकाइची की ओर मुड़कर तंज कसते हुए कहा, आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया? राष्ट्रपति की इस टिप्पणी पर प्रधानमंत्री ताकाइची स्पष्ट रूप से असहज नजर आईं। इंटरप्रेटर के जरिए बातचीत कर रहीं ताकाइची ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप्पी साधे रखी। गौरतलब है कि 7 दिसंबर 1941 को पर्ल हार्बर पर हुए जापानी हमले में 2,400 से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे गए थे, जिसके बाद अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध में कूदा था। ताकाइची और ट्रंप की यह मुलाकात वैश्विक राजनीति के लिहाज से बेहद संवेदनशील समय पर हो रही है। 28 फरवरी को ईरान पर शुरू हुए हमलों के बाद ताकाइची उन शुरुआती वैश्विक नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने ट्रंप से मुलाकात की है। वीरेंद्र/ईएमएस/20मार्च2026