20-Mar-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में हिरासत में लिए गए छह यूक्रेनी नागरिकों के मामले ने अब एक गंभीर राजनयिक मोड़ ले लिया है। यूक्रेन सरकार ने इस मामले में भारत से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए अपने नागरिकों की किसी भी प्रकार की आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यूक्रेन का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे रूस का हाथ हो सकता है, जो भारत और यूक्रेन के बीच के मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों में दरार पैदा करने की कोशिश कर रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब मिजोरम में बिना वैध अनुमति (ऑथराइजेशन) के प्रवेश करने और संदिग्ध गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन व्यक्तियों पर म्यांमार के उन गुटों की सहायता करने का संदेह है, जिनके संबंध भारत विरोधी विद्रोही समूहों से माने जाते हैं। इस संवेदनशील मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि भारत के कुछ क्षेत्र प्रतिबंधित और संरक्षित श्रेणी में आते हैं, जहाँ यात्रा के लिए विशेष अनुमति अनिवार्य है। चूंकि यह मामला अब अदालत के अधीन है, इसलिए तथ्यों की प्रस्तुति के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने इस संबंध में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर अपने नागरिकों तक राजनयिक पहुंच (कंसुलर एक्सेस) प्रदान करने का आग्रह किया है। यूक्रेनी दूतावास द्वारा जारी एक कड़े बयान में कहा गया है कि यूक्रेन खुद रूसी आतंक का सामना कर रहा है, इसलिए वह आतंकवाद के किसी भी रूप के खिलाफ एक अडिग रुख रखता है। दूतावास ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर भी गहरी चिंता जताई है जिनमें दावा किया गया था कि यह कार्रवाई रूसी खुफिया जानकारी के आधार पर की गई है। यूक्रेन ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताते हुए रूस पर दो मित्र देशों के बीच अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया है।यूक्रेन ने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूक्रेन यात्रा के दौरान जारी किए गए उस संयुक्त बयान का भी हवाला दिया, जिसमें दोनों देशों ने मिलकर आतंकवाद की निंदा की थी। यूक्रेन ने भारतीय अधिकारियों को आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता संधि के तहत पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। साथ ही, यूक्रेन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले का उपयोग उसे बदनाम करने या भारत-यूक्रेन संबंधों को नुकसान पहुँचाने के लिए किया गया, तो इसे द्विपक्षीय विश्वास पर जानबूझकर किया गया हमला माना जाएगा। वीरेंद्र/ईएमएस/20मार्च2026