राष्ट्रीय
20-Mar-2026


महोबा,(ईएमएस)। उत्तरप्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के बावजूद जिले में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की घटनाएं सामने आ रही हैं। गुरुवार को विजिलेंस टीम ने स्वास्थ्य विभाग के परिवार कल्याण प्रोजेक्ट मैनेजर को दो लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। घटना जनपद मुख्यालय स्थित एक होटल में हुई, जहां झांसी से आई विजिलेंस टीम ने संविदा कर्मी मेराज मुहम्मद के स्थानांतरण के लिए मांगी जा रही रकम के लिए जाल बिछाया। स्वास्थ्य विभाग के बाबू जीतेश सोनी को रंगे हाथ पकड़ा गया। मामले में इंस्पेक्टर पीयूष पांडेय ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जांच के बाद बांदा ले जाया गया। इस दौरान बाबू जीतेश सोनी रो-रोकर माफी मांगता रहा है। संविदा कर्मी मुहम्मद ने बताया कि 12 अगस्त 2024 को उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई से सीएचसी पनवाड़ी में स्थानांतरित किया था। दूरी अधिक होने और परिवार की देखभाल न कर पाने के कारण उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आशाराम से पुराने कार्यस्थल पर वापसी का अनुरोध किया था। सीएमओ ने बाबू सोनी से मिलने के लिए कहा। इसके बाद बाबू ने घर बुलाकर 3 लाख 50 हजार रुपये घूस देने की मांग की, जिसमें शुरू में 2 लाख और बाद में शेष रकम देने की शर्त तय की गई। संविदा कर्मी ने इस मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान झांसी में दर्ज कराई और सीएमओ पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। विजिलेंस टीम ने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महोबा में 2016 से अब तक 16 अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़े जा चुके हैं। इनमें बीएसए रामेश्वर प्रसाद, जेई विनियमित क्षेत्र घसीटा, लिपिक सीएमओ प्रदीप, सहायक उद्यान अधिकारी श्री नारायण, ड्रग इंस्पेक्टर रमेश लाल, लेखपाल अखलेश, असिस्टेंट कमिश्नर आबकारी अरविंद सोनकर और अन्य शामिल हैं। विजिलेंस की सक्रिय कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग और अन्य सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है। आशीष दुबे / 20 मार्च 2026