नवी मुंबई, (ईएमएस)। आईआईटी बॉम्बे के तीन छात्र, जो उगते सूरज को देखने के लिए लोनावला की एक छोटी सी ट्रिप पर गए थे, लौटते समय एक सड़क हादसे के शिकार हो गए और उनकी सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार उनकी कार एक ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश में उससे पीछे से टकरा गई, कई बार पलटी और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के पनवेल एग्जिट से कुछ पहले सेफ्टी रेलिंग से जा टकराई। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। उसके खिलाफ लापरवाही और तेज़ी से गाड़ी चलाने, जिससे मौत हुई, के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वहीं कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। उधर तीन अन्य छात्र भी दो अलग-अलग कारों में इन पीड़ितों के साथ थे। मृतकों में से दो महाराष्ट्र के रहने वाले थे- तीसरे साल के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के छात्र ओमकुमार बोरसे (23) नासिक से और तीसरे साल के फिजिक्स के छात्र लय देशभ्रतार (20) नागपुर से। तीसरा छात्र, श्रेयांश शर्मा (22), जयपुर का रहने वाला था और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के चौथे साल का छात्र था। पुलिस ने बताया कि मीना द्वारा पुलिस को जो बयान दिया गया है उसके मुताबिक तीनों मृतक और तीन अन्य छात्र-हितेश मीणा, सोहम चव्हाण और सिद्धांत जेबल पूरी रात जागकर सुबह 4 बजे तक फ़िल्में देखते रहे और फिर उगते सूरज देखने के लिए तीन कारों में लोनावला जाने का फ़ैसला किया। बोरसे, शर्मा और देशभ्रतार ने एक कार ली, चव्हाण और जेबल ने दूसरी, और मीणा ने तीसरी कार ली। यह ग्रुप लौटते समय पनवेल एग्जिट से 10.7 किलोमीटर पहले के निशान के पास पहुँचा, तो उस बदकिस्मत कार को चला रहे बोरसे ने सबसे बाईं लेन में चल रहे एक ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की, लेकिन कार से नियंत्रण खो दिया और ट्रक से जा टकराए। कार के कई बार पलटने और सेफ्टी रेलिंग से टकराने के कारण कार में सवार तीनों छात्रों को गंभीर चोटें आईं। उन्हें नवी मुंबई के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पहली नज़र में शराब पीकर गाड़ी चलाने की बात से इनकार किया है, लेकिन वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरटीओ अधिकारियों ने कार का मुआयना किया है और उनकी रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि छात्रों ने सीटबेल्ट पहनी थी या वे तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चला रहे थे। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर से मांगे गए हैं जो एक्सप्रेसवे का संचालन और रखरखाव करती है, लेकिन घटनास्थल के सबसे करीब वाला कैमरा खराब था। स्वेता/संतोष झा- २० मार्च/२०२६/ईएमएस