राज्य
20-Mar-2026
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- किसी भी प्रकार के टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं - बजट में शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं पर खास जोर कल्याण, (ईएमएस)। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) का वित्तीय वर्ष 2026-27 का 3186 करोड़ 60 लाख रुपये का बजट शुक्रवार को पेश किया गया। मनपा आयुक्त अभिनव गोयल द्वारा पेश किए गए बजट में किसी भी प्रकार के टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं है, जो नागरिकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है। इस बजट में शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है। पिछले साल के रिवाइज्ड बजट के अनुसार, 572 करोड़ 76 लाख रुपये का ओपनिंग बैलेंस दिखाया गया है। प्राप्तियों और खर्चों का मिलान करते हुए, आयुक्त ने विकास प्रोजेक्ट्स के लिए 3186 करोड़ 49 लाख रुपये के खर्च की उम्मीद जताई है। मनपा की आय का मुख्य स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स है। पिछले साल, प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य 500 करोड़ रुपये रखा गया था, जिसमें से अब तक 370 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। आने वाले साल के लिए, आयुक्त ने इस लक्ष्य को बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये कर दिया है। इस रिकवरी के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, और प्रॉपर्टीज़ का सर्वे जीआईएस एवं ड्रोन का इस्तेमाल करके किया जाएगा तभी सही टैक्स लगेगा। साथ ही, ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम से टैक्स पेमेंट प्रोसेस को आसान बनाया गया है। बजट में अलग-अलग स्रोत से आय बढ़ाने की जो योजना बनाई गई है वो इस प्रकार है- स्टांप ड्यूटी और जीएसटी सब्सिडी से 510 करोड़ रुपया, विशेष अधिनियम वसूली से 526 करोड़ 10 लाख रुपया, ।जलापूर्ति से 101 करोड़ रुपया, नगर रचना विभाग के विकास प्रस्ताव से 241 करोड़ रुपया, पार्किंग और विज्ञापन से करीब 48 करोड़ रुपया। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग योजना से 829 करोड़ 25 लाख की निधि मिलने की उम्मीद है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी और 15वें वित्त आयोग के फंड शामिल हैं। - विकास कामों के लिए शून्य ब्याज वाले डेट बॉन्ड मनपा के बड़े विकास कामों को समय पर पूरा करने के लिए, खुले बाजार से 200 करोड़ रूपये के डेट बॉन्ड जारी किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन डेट बॉन्ड पर शून्य ब्याज दर होगा। अगर इन डेट सिक्योरिटीज़ का पेमेंट ठीक से किया जाता है, तो मनपा को अर्बन चैलेंज फंड से और वित्तीय निधि मिल सकते हैं। मनपा अब ग्रीन बॉन्ड की तरफ भी कदम बढ़ा रहा है। - महासभा में नगरसेवकों के निधि पर चर्चा आयुक्त अभिनव गोयल के बजट पेश करने के बाद, जनप्रतिनिधियों ने नगरसेवकों के निधि पर सदन में सवाल उठाए। शिवसेना शिंदे के नगरसेवक सचिन पोटे ने नगरसेवकों के लिए निधि के ज़िक्र पर सफाई मांगी। भाजपा नगरसेवक मंदार हलबे ने बजट की स्टडी के लिए समय मांगा। सभागृह नेता वरुण पाटिल ने पिछले पांच साल में कोई काम न होने की बात कहते हुए मांग की है कि हर नगरसेवक को कम से कम 2 करोड़ रुपये का फंड मिलना चाहिए। बहरहाल इस बजट पर अब 24 मार्च को महासभा में विस्तृत चर्चा होगी, जिसके बाद इसे मंज़ूरी दी जाएगी। संतोष झा- २० मार्च/२०२६/ईएमएस