- निवेशक पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर नजर रखेंगे मुंबई (ईएमएस)। बीते सप्ताह मामूली बदलाव के बाद आने वाले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक कारकों का दबाव जारी रहने की संभावना है। निवेशक पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, घरेलू अर्थव्यवस्था पर इन घटनाओं के प्रभाव का भी आंकलन किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। निवेशक इस युद्ध और उससे जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क रहेंगे। ऐसे समय में शेयर बाजार में रिस्क-ऑफ माहौल पैदा होता है, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। युद्ध और आपूर्ति बाधाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। इससे न सिर्फ महंगाई पर असर पड़ेगा, बल्कि तेल पर निर्भर कंपनियों के लाभ मार्जिन पर भी दबाव बन सकता है। निवेशक इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बदल सकते हैं। फरवरी में आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन धीमा रहा, जो पहले से ही चिंताजनक संकेत है। धीमी उत्पादन दर घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों पर असर डाल सकती है। निवेशक इसे बाजार की धारणा और शेयरों की कीमतों पर नकारात्मक प्रभाव वाला मान रहे हैं। पिछले सप्ताह की मामूली गिरावट के बाद इस सप्ताह बाजार में धिक उतार-चढ़ाव की संभावना है। निवेशक जोखिम कम करने के लिए सतर्क कदम रखेंगे। भारतीय शेयर बाजार पर भू-राजनीतिक तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों का प्रमुख असर रहेगा। निवेशक सतर्क रहेंगे और संभावित उतार-चढ़ाव के हिसाब से रणनीति अपनाएंगे। विशेष ध्यान उन सेक्टर्स पर रहेगा, जिनका तेल की कीमतों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर अधिक असर पड़ता है। सतीश मोरे/22मार्च ---