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21-Mar-2026
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रक्षा मंत्री राजनाथ का ऐलान, 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के स्थापना दिवस और हीरक जयंती समारोह को वर्चुअली संबोधित कर आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज का युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह आर्थिक, डिजिटल, साइबर, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों तक फैल चुका है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए मजबूत और आधुनिक सेना के साथ-साथ मानसिक रूप से सशक्त और जिम्मेदार नागरिकों की जरूरत है। “तैयार रहने” का अर्थ केवल युद्ध के लिए तैयार होना नहीं, बल्कि हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का सामना करने की क्षमता विकसित करनी होगी है। केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि आधुनिक संघर्षों में साइबर, अंतरिक्ष और सूचना युद्ध की भूमिका तेजी से बढ़ी है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहना चाहिए और देशहित में अपनी भूमिका को समझना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, समर्पण और संकल्प के माध्यम से खुद को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने “वीयूसीए” (अस्थिरता, अनिश्चितता, जटिलता और अस्पष्टता) की अवधारणा का उल्लेख कर छात्रों से आग्रह किया कि वे इसका अपना संस्करण विकसित करें, जिसमें दूरदर्शिता, समझ, साहस और अनुकूलन क्षमता शामिल हो। इससे वे आधुनिक चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के प्रयासों का उल्लेख कर उन्होंने बताया कि सेना को आधुनिक हथियारों और तकनीकों से लैस किया जा रहा है। साथ ही, युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि देशभर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। इन स्कूलों का उद्देश्य केवल सैन्य प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के गुण विकसित करना भी है। इसके अलावा, नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के विस्तार की भी घोषणा की गई। पहले जहां एनसीसी में 17 लाख कैडेट्स के लिए स्थान था, अब बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है, जिससे अधिक युवाओं को प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा और वे राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते है। केंद्रीय रक्षा मंत्री ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय ‘नारी शक्ति’ को सशक्त बना रहा है और भविष्य में ये छात्राएं विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगी। अंत में, उन्होंने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के 60 वर्ष पूरे होने पर सभी छात्रों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों को बधाई दी और विश्वास जताया कि यह संस्थान आगे भी अनुशासन और उत्कृष्टता के उच्च मानकों को बनाए रखेगा। आशीष दुबे / 21 मार्च 2026