ट्रेंडिंग
23-Mar-2026
...


यह केवल क्षेत्रीय नहीं वैश्विक संकट, तेल-गैस आपूर्ति, अर्थव्यवस्था और भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार सतर्क, वैकल्पिक स्रोतों पर भी तेज प्रयास नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच आज सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में स्थिति पर विस्तृत बयान देते हुए कहा कि देश को कोरोना काल की तरह धैर्य और एकजुटता के साथ हर चुनौती का सामना करना होगा। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के वैश्विक असर को देखते हुए उनका यह संबोधन बेहद अहम माना जा रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि मौजूदा संकट का प्रभाव केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक है और इससे अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा तथा व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में तेल आयात, खाद आपूर्ति और व्यापार पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की समीक्षा की गई। पीएम मोदी ने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के लिए कच्चा तेल, गैस और उर्वरकों की बड़ी आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। मौजूदा संघर्ष के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही चुनौतीपूर्ण हो गई है। इसके बावजूद सरकार का प्रयास है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति बाधित न हो। पीएम मोदी ने बताया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसमें एलपीजी का लगभग 60 प्रतिशत शामिल है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ वैकल्पिक सप्लायर्स से संपर्क में है, ताकि आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो। साथ ही, उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी मंथन किया जा रहा है, जिससे किसानों को भविष्य में किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस युद्ध ने भारत के सामने आर्थिक, सामरिक और मानवीय तीनों तरह की चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने प्रभावित देशों में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीयों कोसुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है। विदेशों में भारतीयों की मदद के लिए 24 घंटे सातों दिन कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं तथा नियमित एडवाइजरी जारी की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उन्होंने पश्चिम एशिया के कई राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत कर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। कोयले का पर्याप्त भंडार पीएम मोदी ने कहा, कि गर्मी का सीजन शुरू होने से देश में बिजली की मांग बढ़ गई है। वैसे अभी देश के समस्त बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडारण है। पीएम मोदी ने बताया कि लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन से ज्यादा कोयले का प्रोडक्शन करके भारत ने एक रिकॉर्ड बनाया है। सीबीएसई की परीक्षाएं खाड़ी देशों में रद्द कीं यहां प्रधानमंत्री मोदी ने भारतियों की सुरक्षित वापसी के साथ ही सीबीएसई परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा, कि युद्ध शुरू होने के बाद से 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं। ईरान से अब तक लगभग एक हजार भारतीयों को सुरक्षित वापस देश लाया गया हैं, इनमें 700 से ज्यादा तो मेडिकल स्टूडेंट ही हैं। पीएम मोदी ने कहा, कि स्थिति को देखते हुए, सीबीएसई ने खाड़ी देशों के स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इसके साथ ही बोर्ड द्वारा छात्रों की शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने संसद से अपील की कि इस संकट पर देश की एकजुट आवाज दुनिया तक जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशील, सतर्क और हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हिदायत/ईएमएस 23मार्च26