राज्य
23-Mar-2026
...


- 17 दिनों में 5 बड़े खुलासे, रायगढ़ फिर सुर्खियों में रायगढ़ (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। तमनार के बाद अब रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के घटगांव गांव में भी अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि घटगांव में सब्जियों की बाड़ी के बीच छिपाकर अफीम उगाई जा रही थी, ताकि किसी को शक न हो। इस खुलासे के साथ ही रायगढ़ जिले में बीते दो दिनों के भीतर यह दूसरा मामला सामने आया है, जबकि प्रदेश में पिछले 15–17 दिनों में यह पांचवां बड़ा मामला है। इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती पकड़ी गई थी। जांच में सामने आया कि झारखंड निवासी मार्शल सांगा पिछले 10–12 वर्षों से इस इलाके में खेती कर रहा था। उसने स्थानीय किसान से तरबूज और ककड़ी की खेती के नाम पर जमीन ली थी, लेकिन उसी के आड़ में अफीम की खेती शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि वह झारखंड में पहले से इस अवैध धंधे से जुड़ा रहा है और उसी तरीके को रायगढ़ में भी लागू किया। पिछले 17 दिनों में सामने आए प्रमुख मामले - 7 मार्च: दुर्ग के समोदा में एक भाजपा नेता के खेत से करीब 7.88 करोड़ रुपए की अफीम जब्त, 10 मार्च: बलरामपुर के कुसमी में 3.67 एकड़ में अफीम की खेती, 7 आरोपी गिरफ्तार, 12 मार्च: बलरामपुर के कोरंधा में करीब ढाई एकड़ में अवैध फसल, 20 मार्च: रायगढ़ के तमनार (आमाघाट) में डेढ़ एकड़ में अफीम की खेती हालिया मामला: लैलूंगा (घटगांव) में सब्जी फसल के बीच छिपाकर अफीम उत्पादन। लगातार हो रहे इन खुलासों ने प्रदेश में अफीम की संगठित खेती और इसके नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और इसमें शामिल लोगों के साथ-साथ संभावित संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/23 मार्च 2026