वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पूरी दुनिया में थू-थू हो रही है। उन्होंने ईरान पर हमला कर जो पंगा लिया है उससे वे बुरी तरह मात खा चुके है। घड़ी-घड़ी बयान बदलने वाले ट्रंप अब अपनी गलतियों को दूसरों के ऊपर ढोल रहे है। उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने का विचार सबसे पहले किसने दिया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इजरायल के साथ मिलकर किए गए इन हमलों और ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने के पीछे उनके रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ट्रंप के अनुसार, हेगसेथ ही वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने उन्हें युद्ध की शुरुआत करने और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को स्थायी रूप से रोकने की सलाह दी थी। अपने वरिष्ठ मंत्रियों और जनरलों के साथ हुई चर्चा का विवरण साझा करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने मिडिल ईस्ट की गंभीर स्थिति और ईरान द्वारा पिछले कई दशकों से फैलाए जा रहे कथित अस्थिरता के माहौल पर अपनी चिंता व्यक्त की थी। ट्रंप ने कहा कि उनके सामने दो ही रास्ते थे—या तो अमेरिका इस संघर्ष में अपनी सैन्य संख्या बढ़ाता रहे या फिर निर्णायक कदम उठाकर इस पुरानी समस्या को जड़ से खत्म कर दे। इसी मंत्रणा के दौरान पीट हेगसेथ ने मुखर होकर परमाणु हथियार बनाने की ईरान की कोशिशों को रोकने के लिए तत्काल सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया था। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त रूप से बड़ा हमला किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई प्रभावशाली नेताओं की मृत्यु हो गई थी। इस युद्ध को शुरू हुए अब 25 दिन बीत चुके हैं और इस दौरान तेहरान को भारी राजनीतिक और सैन्य क्षति उठानी पड़ी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि वर्तमान में ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत के द्वार खुले हुए हैं, लेकिन अमेरिका का रुख अभी भी सख्त बना हुआ है। उन्होंने दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु शक्ति संपन्न नहीं होने दिया जाएगा, और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए यह सैन्य अभियान चलाया जा रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/24मार्च2026