- ग्राम पंचायत स्तर पर पहुंचेगी एक्सरे मशीन मुरैना ( ईएमएस ) | विश्व क्षय दिवस के उपलक्ष्य में जिला चिकित्सालय के ओपीडी सभागार में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कमलेश भार्गव के मुख्य आतिथ्य में शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर क्षय रोगियों को गोद लेकर फूड बास्केट वितरण की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर ने कहा कि टीबी की बीमारी लाइलाज नहीं हैं, मरीज नियमित रूप से दवा के साथ-साथ पोषण युक्त आहार लें तो यह बीमारी जल्दी ठीक हो सकती है। जिले में 158 पंचायतों को टीबी मुक्त किया गया है, लेकिन क्षय रोगियों का नियमित फॉलोअप, जांच व उनके परिवार के सदस्यों की नियमित स्क्रीनिंग कर इस आंकड़े को और बढ़ाया जा सकता है, जिससे जिले की समस्त 478 पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा सकता है। उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने हेतु सभी जनप्रतिनिधियों से टीबी मरीजों को गोद लेकर फूड बास्केट देने की अपील की है। जिससे क्षय रोगियों को दवा के साथ बेहतर पोषण मिल सके और वे जल्दी स्वस्थ हो सके। उन्होंने एचपीवी वैक्सीन के सफल क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर के बचाव के लिए यह वैक्सीन बिल्कुल मुफ़्त लगाई जा रही है। इसलिए अभिभावक आगे आकर अपनी 14 से 15 वर्ष की बेटियों को इस वैक्सीन को लगवाए। कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव ने कहा कि आज से 100 दिन के अभियान का शुभारंभ पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। उसी तारतम्य में आज विश्व क्षय दिवस पर मुरैना मुख्यालय के साथ-साथ ब्लॉक स्तर पर अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान मार्च से जुलाई तक चलेगा, जिसमें स्वास्थ्य अमला उच्च जोखिम समूह स्लम, सफाई कर्मचारी, बस स्टैंड, जेल, औद्योगिक क्षेत्र, बेघर आश्रय स्थल, रात्रि आश्रय स्थल, हाट बाजार, हाई रिस्क विलेज, स्कूल, आदिवासी छात्रावास आदि क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बीपी, डायबिटीज, बीएमआई की जांच कर संभावित क्षय रोगियों को चिन्हित किया जाएगा। इन सभी की नेट टेस्टिंग, एक्सरे कराकर टीबी रोगियों की खोज की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी की बीमारी के प्रति सामाजिक भेदभाव न हो सके, इसके लिये प्रचार-प्रसार अधिक किया जाए। पंचायत स्तर पर सरपंचो को प्रयास करना चाहिये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय ने कहा कि इस बार डब्लू.एच.ओ. ने यह धीम निर्धारित की है कि हम सब मिलकर टीबी को खत्म कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए लोगों की वचनबद्धता और सामुदायिक सहभागिता से टीबी के प्रसार को रोका जा सकता हैं। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह तोमर, डॉ. डीएस यादव एवं जिला क्षय अधिकारी डॉ. नरेंद्र उपाध्याय ने भी विश्व क्षय दिवस पर प्रकाश डाला। डीपीसी बृजेश सिंह राजपूत ने अभियान की प्रत्येक दिन रिपोर्टिंग, सघन माइक्रोप्लान के साथ कार्य करने पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर श्री अवधेश शर्मा, जितेंद्र सिंह नरवरिया, संजय सिकरवार, शिव प्रताप जादौन, सुरेंद्र सिंह, विवेक, यतेंद्र सहित जिला चिकित्सालय के अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।