अंतर्राष्ट्रीय
24-Mar-2026


मिडिल ईस्ट में जारी है मिसाइल और ड्रोन अटैक, ईरान में गैस प्लांट और पाइपलाइन पर हमला, ईरान ने इजराइल पर किए 7 मिसाइल हमले ट्रंप के परमाणु समझौते को तैयार, इजराइल-ईरान को विश्वास नहीं! तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के 25वें दिन मंगलवार को भी ईरान ने इजराइल और इजराइल ने ईरान और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए। ईरान में मंगलावर को कई जगह एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्टचर पर हमला हुआ। ईरान के इस्फहान शहर में गैस प्लांट और गैस कंट्रोल स्टेशन को निशाना बनाया गया। इसके अलावा खोर्रमशहर के पावर प्लांट और उसकी गैस पाइपलाइन पर भी हमला हुआ। वहीं लेबनान में ईरान समर्थक उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने इजराइल के 5 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किया। हिजबुल्लाह ने बताया कि उसने इजराइली सैनिकों की एक छावनी, रडार और तोपखाने को निशाना बनाया। वहीं ईरान ने इजराइल पर सात बार मिसाइल हमले हमले किए। इजराइली सेना ने बताया कि मंगलवार सुबह सेंट्रल इजराइल में कई जगह मिसाइलें गिरीं, जहां सर्च और रेस्क्यू टीमें भेजी गईं। शुरुआती घंटों में कम से कम चार बार ऐसे हमलों की जानकारी सामने आई। दरअसल, ईरान और इजराइल दोनों देशों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर विश्वास नहीं है। मिडिल ईस्ट में जंग के बीच एक नया मोड़ सामने आ रहा है। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर उत्सुक दिख रहे हैं, लेकिन इजराइली अधिकारियों को इसपर शंका है कि ईरान अमेरिकी शर्तों को नहीं मानेगा। इससे ट्रंप प्रशासन का डिप्लोमैटिक प्रयास बड़े सिरदर्द में फंसता दिख रहा है। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी दूत एक सम्मानित ईरानी नेता से संपर्क में हैं और ईरान सौदा करने को तैयार है। बता दें, इस बीच ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की समयसीमा पांच दिन बढ़ा दी और ईरानी विद्युत संयंत्रों पर संभावित हमलों को टाल दिया है। ट्रंप ने कहा कि हम कोई परमाणु बम नहीं देखना चाहते, कोई परमाणु हथियार नहीं, उसके करीब भी नहीं। उन्होंने मांग की कि ईरान का यूरेनियम स्टॉक अमेरिका ले ले और उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म हो। लेकिन इजराइल की तरफ से सकारात्मक संकेत नहीं मिल रहा हैं। तीन वरिष्ठ इजराइली अधिकारियों ने कहा कि ईरान का अमेरिकी शर्तों को मानने की उम्मीद नहीं है, जिससे सौदे की संभावना काफी कम हो गई है। इजराइल को है संदेह इजराइली अधिकारी कहते हैं कि ईरान अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करने वाला नहीं है, जिससे सौदे की संभावना कम है। इजराइल को चिंता है कि ट्रंप का उत्साह ईरान की रणनीतिक गणनाओं से टकरा रहा है। ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कोई बातचीत नहीं चल रही और अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान की सख्त चेतावनी के बाद पीछे हट गए हैं। अमेरिका-ईरान कूटनीति में यह पुरानी कहानी दोहराई जा रही है, जहां वाशिंगटन की राजनीतिक इच्छाशक्ति तेहरान की सख्ती से भिड़ जाती है। इजराइल इस पूरे मामले को अपनी सुरक्षा से जोडक़र देख रहा है। बीते दिनों में तनाव बढ़ा है और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की धमकी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। ट्रंप का सौदा प्रयास यदि असफल रहा तो मध्य पूर्व में फिर से युद्ध की आशंका बढ़ सकती है। खाड़ी देशों और ईरान को साथ रहना सीखना होगा कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अल-अंसारी ने कहा है कि खाड़ी देशों और ईरान को भविष्य में पड़ोसी के रूप में साथ रहना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि ईरान यहां सदियों से है। इस क्षेत्र के लोग भी सदियों से हैं। किसी को कहीं जाने की जरूरत नहीं। पूर्ण विनाश विकल्प नहीं है। अल-अंसारी ने आगे कहा कि हम साथ रहेंगे, पड़ोसी रहेंगे और मानवता के भविष्य के लिए एक-दूसरे के साथ रहने के तरीके खोजने होंगे। लेबनान ने ईरानी राजदूत को देश छोडऩे का आदेश लेबनान ने ईरानी राजदूत को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर दिया है और उन्हें रविवार तक देश छोडऩे का आदेश दिया गया है। यह फैसला राजनयिक विवादों और द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच लिया गया है। ईरानी राजदूत को निर्धारित समय सीमा में लेबनान छोडऩा होगा। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों पर असर पड़ सकता है। ईरान ने जोलघदर को सिक्योरिटी काउंसिल का नया चीफ बनाया ईरान ने मोहम्मद बाघेर जोलघदर को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव नियुक्त किया है। वह अली लारिजानी की जगह लेंगे, जिनकी 17 मार्च को इजराइली हमले में मौत हो गई थी। ईरान में डर फैलाने के आरोप में 466 गिरफ्तार ईरान में सुरक्षा एजेंसियों ने 466 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए समाज में डर और अस्थिरता फैलाने की कोशिश की। ईरानी पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोग सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाकर लोगों में भय और चिंता पैदा कर रहे थे। साथ ही इन पर देश की मानसिक सुरक्षा को कमजोर करने और दुश्मन के पक्ष में माहौल बनाने का भी आरोप लगाया गया है। इजराइली अधिकारी बोले- ईरान से समझौता अभी नहीं होगा इजराइल के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता फिलहाल संभव नहीं दिख रहा है। अधिकारी के मुताबिक, ईरान अभी किसी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है और मौजूदा बातचीत को सिर्फ समय हासिल करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि आगे के हमलों की तैयारी की जा सके। उन्होंने यह भी माना कि कई देश अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रस्ताव सामने नहीं आया है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी मंगलवार को साफ कर दिया कि हमले रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इजराइल पूरी ताकत से ईरान पर हमले जारी रखे हुए है। इजराइली सेना का कहना है कि ईरान में अभी हजारों टारगेट बाकी हैं और युद्ध कई हफ्तों तक जारी रह सकता है। वहीं, यह रुख अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बयान से अलग नजर आता है, जो लगातार कह रहे हैं कि बातचीत के जरिए इस संघर्ष को खत्म किया जा सकता है। विनोद उपाध्याय / 24 मार्च, 2026