* एलसीबी की छापेमारी में 34 लाख से ज्यादा का माल जब्त, 8 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार सूरत (ईएमएस)| ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन और गैस की भारी कमी देखने को मिल रही है। ऐसे संवेदनशील समय में सूरत जिले के कुछ लालची तत्व इस मानवीय संकट को कमाई का जरिया बना रहे हैं। देशभर में घरेलू रसोई गैस की कमी का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सूरत जिला एलसीबी ने सख्त कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक सूरत पुलिस टीम पेट्रोलिंग के दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर कामरेज तालुका के परब गांव स्थित ‘ओम इंडस्ट्रियल एस्टेट’ में छापा मारा, जहां गैस सिलेंडरों का अवैध रूप से भंडारण और बिक्री की जा रही थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 229 भरे हुए और 153 खाली गैस सिलेंडर, दो आयशर टेंपो, एक छोटा हाथी वाहन, मॉपेड बाइक, मोबाइल फोन और नकदी सहित कुल 34,18,622 रुपये का सामान जब्त किया। जांच में सामने आया कि यह गैस महाराष्ट्र के पालघर स्थित ‘कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड’ से भरकर लाई गई थी। नियमानुसार यह सिलेंडर परब, वेलंजा और अंकलेश्वर के ग्राहकों तक पहुंचने थे, लेकिन रामदेव गैस एजेंसी के देवीलाल कलाल ने अपने मालिक कन्हैयालाल के कहने पर इस स्टॉक को डायवर्ट कर दिया। आरोपी 900-1000 रुपये के सिलेंडर को 2350 रुपये तक ऊंचे दामों में बेच रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अधिकांश राजस्थान के निवासी हैं। ये लोग यहां बर्तन की दुकान या ड्राइविंग के बहाने इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में गोरख जगताप (ड्राइवर), देवीलाल कलाल, पवनकुमार मेवाड़ा, संपतराज मेवाड़ा, निर्मलकुमार मेवाड़ा, अनमोल राव, विष्णु राव और संतोष कलाल शामिल हैं। जबकि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड कन्हैयालाल भंवरलाल कलाल फिलहाल फरार है, जिसे पुलिस ने वांछित घोषित कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने इस गंभीर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को कामरेज पुलिस को सौंप दिया है। सतीश/24 मार्च