भोपाल(ईएमएस)। एम्स भोपाल चिकित्सा सेवाओं और शोध कार्यों के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है, जिससे संस्थान के शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल द्वारा 26 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय यंग साइंटिस्ट कांग्रेस में एम्स भोपाल के शोधार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में राज्यभर के युवा वैज्ञानिकों ने अपने नवाचार और शोध कार्यों का प्रदर्शन किया। एम्स भोपाल के जैव रसायन विभाग की चार पीएचडी शोधार्थी—वृशाली डी. पाटिल, जाह्नवी शर्मा, जिरहा सलीम और ऋतंभरा देशमुख—ने इसमें सक्रिय भागीदारी की। इनमें से वृशाली डी. पाटिल को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए प्रथम पुरस्कार एवं “यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड – एमपी” से सम्मानित किया गया। उनका शोध कोविड-19 से संबंधित श्वसन एवं जठरांत्र संक्रमणों के उपचार हेतु हर्बल औषधियों के उपयोग पर केंद्रित था। यह शोध कार्य प्रो. (डॉ.) रश्मि चौधरी एवं प्रो. (डॉ.) जगत आर. कंवर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसके अतिरिक्त, प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार के मार्गदर्शन में शोध कर रहीं जाह्नवी शर्मा तथा प्रो. (डॉ.) रश्मि चौधरी के मार्गदर्शन में कार्यरत जिरहा सलीम एवं ऋतंभरा देशमुख के शोध कार्यों की भी कांग्रेस में सराहना की गई। उन्हें मेडिकल साइंसेज के अंतर्गत “ट्रेनिंग ऑफ यंग साइंटिस्ट्स” कार्यक्रम में फेलोशिप प्रदान की गई, जो आयुष एवं न्यू बायोलॉजी के अंतर्गत जैव प्रौद्योगिकी, जैव रसायन, जैव भौतिकी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स एवं आणविक जीवविज्ञान जैसे विषय सम्मिलित हैं। इस उपलब्धि पर कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने सभी शोधार्थियों और मार्गदर्शकों को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हरि प्रसाद पाल / 24 मार्च, 2026