राष्ट्रीय
25-Mar-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम-एशिया से लेकर पूरे खाड़ी के इलाके में युद्ध की वजह से भारत पर भी प्रभाव पड़ रहा है। एलपीजी को लेकर हालात चिंताजनक हैं। लेकिन अभी तक देश में पेट्रोल-डीजल से लेकर प्राकृतिक गैस (एलपीजी) के संबंध में कहीं से भी किसी तरह की कमी की कोई शिकायत नहीं मिली है। वर्तमान में घरेलू स्तर पर सभी तेल रिफाइनरियां उच्चतम क्षमता के साथ अपने उत्पादन स्तर को बनाए हुए हैं। इसके अलावा इन्होंने एलपीजी के उत्पादन में भी इजाफा किया है। कुछ जगहों से शिकायत मिली थी। जिसके बाद कुछ एक पेट्रोल पंपों पर पैनिक खरीदारी देखने को मिली। लेकिन राज्यों व तेल कंपनियों ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी कर मामले में उचित कार्रवाई की है। यह जानकारी मंगलवार को राजधानी में आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में केंद्रीय पेट्रोलियम-प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने दी है। उन्होंने बताया कि देश में कुल 1 लाख पेट्रोल पंप हैं और इनमें से कहीं पर भी तेल की कमी को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। हमारे पास पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसलिए आम जनता से ये अपील है कि वो मामले को लेकर किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। सिलेंडरों की खरीद को लेकर पैनिक बुकिंग से बचें, इसे लेकर केवल ऑनलाइन बुकिंग के विकल्प का ही इस्तेमाल करें। तेल कंपनियां पहले की तरह ही सिलेंडरों की उपभोक्ताओं के घर पर डिलीवरी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।संघर्ष के बीच क्या भारत ईरान से तेल की खरीद कर रहा है? इस प्रश्न के जवाब में शर्मा ने कहा कि फिलहाल हमारे पास पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल, एलएनजी की उपलब्धता बनी हुई है। जब तेल लेकर जहाज देश पहुंचेंगे तो सभी को नजर आएंगे। एलपीजी के मामले में भी सुधार हुआ है, हमने कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए सप्लाई बढ़ाई है। इसके अलावा हम कहां से तेल ले रहे हैं। इसका निर्णय पूरी तरह से तेल कंपनियों के कमर्शियल हितों पर आधारित होता है। यह क्षेत्र एक डिरेग्युलेटेड क्षेत्र है, जिसमें कीमतों के संबंध में सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। जिसे देखते हुए मैं कहूंगी कि यह सही मंच नहीं है इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए। आज लोगों को जरूरत है कि वो अफवाहों से बचें। बीते वक्त में इसकी कोशिश की गई थी। जिसे प्रभावी ढंग से रोका गया है। गुजरात में भी तेल की कमी को लेकर कोई समस्या नहीं है। 1 लाख पेट्रोल पंपों में से अगर इक्का-दुक्का से कोई शिकायत भी आती है। तो उसका कोई खास अर्थ नहीं है। बाकी जगहों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है। 11 लाख प्रवासी मजदूरों को मिल रहा सिलेंडर सुजाता ने बताया कि भारत में 11 लाख प्रवासी मजदूर हैं। जिन्हें भी एलपीजी सिलेंडर की कोई दिक्कत नहीं है। पीएमयूवाई और उज्जवला योजना की तरह ही सभी को सिलेंडर दिए जा रहे हैं। पांच किलोग्राम एफटीएल वाले वो प्रवासी मजदूर हैं, जो अपने काम के सिलसिले में कहीं और चले गए हैं और उनके पास कोई घरेलू कनेक्शन नहीं है। 146 फोन कॉल, 226 ईमेल का दिया जवाब उन्होंने कहा कि बीते 24 घंटे में 146 फोन कॉल और 226 ईमेल हमें मिले हैं। जिनका जवाब दिया गया है। वहीं, इसी दौरान 26 भारतीय नाविकों को खाड़ी की विभिन्न जगहों से सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। वर्तमान में हमारे तमाम बंदरगाहों पर कोई भीड़ भाड़ नहीं है। वीरेंद्र/ईएमएस/25मार्च2026