- पारिख ने 2018 में कंपनी की कमान संभाली थी और कठिन दौर में इन्फोसिस को मजबूती प्रदान की नई दिल्ली (ईएमएस)। इन्फोसिस के इतिहास में 2027 वर्ष महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि 31 मार्च को कंपनी के सीईओ सलिल पारिख का दूसरा कार्यकाल समाप्त हो रहा है। पारिख ने 2018 में कंपनी की कमान संभाली थी और कठिन दौर में इन्फोसिस को स्थिरता और मजबूती प्रदान की। अब बोर्ड के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि तेजी से बदलते एआई के दौर में कंपनी का नेतृत्व कौन करेगा। सूत्रों के अनुसार पारिख को तीसरे कार्यकाल के लिए चुना जा सकता है, लेकिन यह शायद छोटा (1-2 साल) होगा। इसके विकल्प के रूप में बोर्ड उन्हें चेयरमैन बना सकता है और नए सीईओ की नियुक्ति कर सकता है। औपचारिक घोषणा जून में होने वाली वार्षिक आम बैठक में की जा सकती है। इन्फोसिस की सेवानिवृत्ति नीति के अनुसार कार्यकारी निदेशकों की उम्र 60 वर्ष है। पारिख पहले ही इस उम्र को पार कर चुके हैं, लेकिन बोर्ड और शेयरधारकों की मंजूरी से कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। एचएफएस रिसर्च के संस्थापक फिल फर्स्ट का कहना है कि पारिख का तीसरा कार्यकाल निवेशकों के लिए मिश्रित संदेश दे सकता है। एक ओर यह स्थिरता का संकेत देगा और पारिख के अनुभव, अनुशासन और निवेशकों व ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध को कायम रखेगा। दूसरी ओर, कुछ निवेशक यह सवाल कर सकते हैं कि क्या इन्फोसिस तेजी से बदलते एआई युग में खुद को अनुकूल बना पा रही है। पारिख ने 2023-24 में एआई-प्रथम रणनीति लागू की और 2025-26 की तीसरी तिमाही में एआई-संबंधित राजस्व कुल आय का 5.5 फीसदी था। कंपनी ने दूरसंचार वित्तीय सेवाओं, विनिर्माण और सॉफ्टवेयर क्षेत्रों में एआई समाधान विकसित करने के लिए एंथ्रोपिक के साथ साझेदारी की है। उनके नेतृत्व में इन्फोसिस की आय 70,522 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 16,029 करोड़ से 26,713 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। इस दौरान 12-13 रणनीतिक अधिग्रहण भी हुए। 2027 इन्फोसिस के लिए नेतृत्व, निवेशक विश्वास और एआई-आधारित भविष्य रणनीति के लिहाज से निर्णायक साल साबित होगा। बोर्ड का फैसला कंपनी की दिशा और प्रतिस्पर्धा को तय करेगा। सतीश मोरे/25मार्च ---