15 फीसदी कटौती के साथ 27 को फिर होंगे ई-टेंडर जबलपुर, (ईएमएस)। जिले में शराब दुकानों के लिए ठेकेदार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है| वित्तीय वर्ष समाप्त होने को अब 6 दिन शेष बचे है| अभी तक मात्र 35 प्रतिशत दुकानें ही नीलाम हो सकी है| 65 प्रतिशत दुकानें नीलामी के लिए ठेकेदारों की बांट जोह रही है| अगली नीलामी की तारीख 27 मार्च तय की गई है इसके साथ ही शासन द्वारा एमआरपी 15 प्रतिशत घटा दी गई है| दरअसल जबलपुर जिले में 143 शराब दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरु की गई थी अभी तक मात्र 87 दुकानें ही नीलामी हुई है| 143 दुकानों के ई टेंडर 15 प्रतिशत राशि घटाकर 27 मार्च को बुलाये गए है| अलग-अलग चरणों में आयोजित की गई नीलामी के दौरान अभी तक कोतवाली, कुंडम, बरगी, समूहों की दुकाने ही नीलाम हो सकी हैं। अब नए वित्तीय वर्ष के पूर्व दुकानों के आबंटन करने की प्रक्रिया पूर्ण करने नए सिरे से रणनीति बनाई है। 15 प्रतिशत की कटौती........... आबकारी विभाग ने अभी तक जिन दुकानों की नीलामी नहीं हुई है उनकी दरों में निर्धारित टेंडर राशि से 15 प्रतिशत की कटौती कर दी है ताकि ठेकेदारों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा पैदा हो। विभाग का मानना है कि पिछले चरणों में कड़े नियमों और ऊंची कीमतों के कारण कई समूहों में बोली नहीं लग पाई थी। अब संशोधित शर्तों और घटी हुई कीमतों के कारण उम्मीद है कि नए ठेकेदार आगे आएंगे। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है। लिहाजा अगली प्रक्रिया 27 मार्च को निष्पादन की प्रक्रिया पूरी होगी| विभागीय अफसरों को रेवेन्यू की फिक्र अब विभाग की नजर सातवें चरण की नीलामी प्रक्रिया पर टिकी है इसलिए नई दरों में कुछ रियायते दी गई है ताकि वर्तमान हालातों से निपटा जा सके और शासन के द्वारा निर्धारित राजस्व प्राप्त किया जा सके। दरअसल ठेकेदारों का मानना है कि समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष में कई ठेकेदारों को घाटा उठाना पड़ा इसलिए अब बड़े ठेकेदार ठेका लेने कि लिए उत्सुक नहीं दिखाई दे रहे है| अब रेट घटने के बाद शायद ठेकेदारों को जोश जागृत हो और शेष बची 87 दुकानों का निष्पादन हो सके| लेकिन ठेकेदारो का यह भी कहना है कि बहुत मुश्किल है कि 1 अप्रैल तक सारी दुकानें नीलाम हो पाए| इसके बाद भी कुछ दुकानों के और रेट घटाने पड़े या फिर आबकारी विभाग को खुद बिना नीलामी दुकानों की कमान संभालना पड़ेगी। सुनील साहू / मोनिका / 25 मार्च 2026/ 06.24