नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष आगामी केरलम विधानसभा चुनावों में मतदान पर असर डाल सकता है, और खाड़ी देशों की यात्रा में व्यवधान के कारण प्रवासी मतदाताओं की भागीदारी कम हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्य स्तर पर इसका प्रभाव निर्णायक नहीं होगा, लेकिन कुछ चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों, विशेष रूप से उत्तरी केरल में, जहां खाड़ी देशों से प्रवास करने वाले लोगों की संख्या अधिक है, यह प्रभाव स्पष्ट रूप से दिख सकता है। हर चुनाव में, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों में काम करने वाले हजारों केरलवासी अपना वोट डालने के लिए आते हैं। प्रवासी संगठनों द्वारा अक्सर यात्रा की व्यवस्था की जाती है, जिसमें चार्टर्ड उड़ानें भी शामिल हैं, ताकि मतदान में भागीदारी बेहतर हो सके। हालांकि, इस वर्ष, क्षेत्र में जारी संघर्ष से जुड़ी अनिश्चितता, उड़ान व्यवधानों और हवाई किराए में वृद्धि के कारण ये प्रभावित हुए हैं। प्रवासी समूहों का अनुमान है कि खाड़ी देशों से आने वाले मतदाताओं की संख्या बीते चुनावों की तुलना में करीब आधी हो सकती है। कई प्रवासी, विशेष रूप से खुदरा और सेवा क्षेत्रों में कार्यरत लोग, यात्रा करने से हिचकिचा रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तब उन्हें अपनी नौकरियों पर वापस लौटने में दिक्क्त हो सकती है। इसका सबसे ज़्यादा असर मालाबार क्षेत्र में दिख सकता है, इसमें मलप्पुरम, कोझिकोड और कासरगोड जैसे ज़िले, साथ ही पलक्कड़ और त्रिशूर के कुछ हिस्से हैं। इन क्षेत्रों में खाड़ी देशों में काम करने वाले सदस्यों वाले परिवारों की संख्या अधिक है। कांग्रेस समर्थित संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे की प्रमुख सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) जैसी पार्टियों को लौटे प्रवासियों का लाभ मिलता रहा है। इस वर्ग में गिरावट से करीबी मुकाबले वाली सीटों पर नतीजों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, राजनैतिक विश्लेषक इस प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर बताने से बचने की सलाह दे रहे हैं। केरल में मध्य पूर्व में अनुमानित 22 लाख प्रवासी होने के बावजूद, उसमें से बहुत कम लोग चुनाव के दौरान वापस लौटते हैं, और उनका प्रभाव कुछ ही निर्वाचन क्षेत्रों तक सीमित है। एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, ऐसी कुछ ही सीटें हैं जहां खाड़ी देशों के मतदाता एक महत्वपूर्ण मतदान समूह बनाते हैं, और इनमें से कई सीटों पर ऐतिहासिक रूप से आरामदायक जीत का अंतर रहा है। आशीष/ईएमएस 26 मार्च 2026