अंतर्राष्ट्रीय
27-Mar-2026
...


बीजिंग (ईएमएस)। चीन में दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ) के नए भंडार की खोज ने वैश्विक औद्योगिक और तकनीकी परिदृश्य में हलचल पैदा कर दी है। सिचुआन प्रांत के मियानिंग काउंटी में हल्के रेयर अर्थ का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा भंडार मिलने की घोषणा चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने की है। इस खोज से चीन के कुल भंडार में लगभग 9.67 मिलियन मीट्रिक टन रेयर अर्थ ऑक्साइड का इजाफा हुआ है, जो 300 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाता है। रेयर अर्थ खनिज आधुनिक उद्योगों की रीढ़ माने जाते हैं। इनका उपयोग चुंबकीय और फ्लोरोसेंट सामग्री बनाने में होता है, जो इलेक्ट्रिक वाहन, पवन ऊर्जा, स्मार्टफोन, एलईडी स्क्रीन और अन्य हाई-टेक उपकरणों के लिए बेहद आवश्यक हैं। विशेष रूप से नियोडिमियम और प्रैसेोडिमियम जैसे तत्व शक्तिशाली स्थायी चुंबक बनाने में काम आते हैं, जो इलेक्ट्रिक गाड़ियों और विंड टर्बाइन के लिए अनिवार्य हैं।इस खोज के साथ ही मियानिंग काउंटी के माओनियूपिंग क्षेत्र में 27.14 मिलियन टन फ्लोराइट और 37.23 मिलियन टन बैराइट के भंडार भी पाए गए हैं, जिन्हें ‘अति-विशाल भंडार’ की श्रेणी में रखा गया है। फ्लोराइट औद्योगिक फ्लोरीन का प्रमुख स्रोत है, जो भविष्य के उभरते उद्योगों में अहम भूमिका निभाता है। वहीं बैराइट अपनी रासायनिक स्थिरता, उच्च घनत्व और विकिरण अवशोषण क्षमता के कारण पेट्रोलियम, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स और निर्माण उद्योगों में महत्वपूर्ण कच्चा माल है। चीन पहले से ही दुनिया के 70 प्रतिशत से अधिक रेयर अर्थ उत्पादन और लगभग 90 प्रतिशत रिफाइनिंग क्षमता पर नियंत्रण रखता है। ऐसे में यह नई खोज उसकी वैश्विक पकड़ को और मजबूत करेगी। इससे चीन न केवल सप्लाई चेन पर अधिक प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर सकेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों को भी प्रभावित करने की स्थिति में आ जाएगा। इसका असर विशेष रूप से भारत और अमेरिका जैसे देशों पर पड़ सकता है, जो इन खनिजों के लिए चीन पर काफी हद तक निर्भर हैं। हालांकि कई वैश्विक कंपनियां चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन इस नई खोज के बाद उनके लिए यह चुनौती और बढ़ सकती है। भविष्य में यदि व्यापारिक तनाव बढ़ता है, तो चीन निर्यात पर प्रतिबंध लगाकर वैश्विक टेक उद्योग को प्रभावित कर सकता है। कुल मिलाकर, यह खोज न केवल चीन की आर्थिक और रणनीतिक ताकत को बढ़ाती है, बल्कि वैश्विक उद्योगों के लिए नई चिंताएं भी पैदा करती है। आशीष/ईएमएस 27 मार्च 2026