राज्य
27-Mar-2026
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निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन ने प्लांट का निरीक्षण किया भोपाल(ईएमएस)। नगर निगम, भोपाल के लिए यह गौरव के पल हैं जब वह स्वच्छ भारत मिशन के तहत सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल पर खरा उतरने जा रहा है। शहर से निकलने वाले सूखे कचरे के शत्-प्रतिशत निष्पादन के लक्ष्य प्राप्त करने के दृष्टिगत नगर निगम, भोपाल द्वारा आदमपुर में नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एन.टी.पी.सी.) के माध्यम से स्थापित टोरिफाईड चारकोल प्लांट का ट्रायल रन प्रारंभ कर दिया गया है। इस प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे से टोरिफाईड चारकोल का निर्माण किया जाएगा और यहां निर्मित टोरिफाईड चारकोल एन.टी.पी.सी द्वारा स्वयं के उपयोग में लिया जाएगा। निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन ने टोरिफाईड चारकोल प्लांट का निरीक्षण किया और प्लांट की कार्यपद्धति, प्रतिदिन सूखा कचरा निष्पादन की क्षमता सहित संयंत्र के संबंध में एन.टी.पी.सी के अधिकारियों से विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की और संयंत्र का पूर्ण रूपेण संचालन शीघ्रता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर से निकलने वाले कचरे के निष्पादन हेतु निगम की महत्वाकांक्षी योजना के तहत आदमपुर गार्बेज प्रोसेसिंग साईट पर एन.टी.पी.सी के माध्यम से स्थापित 400 टन सूखा कचरा प्रतिदिन निष्पादन की क्षमता वाले टोरिफाईड चारकोल प्लांट का निरीक्षण किया। एन.टी.पी.सी द्वारा उक्त प्लांट का ट्रॉयल रन प्रारंभ किया गया है। निगम आयुक्त श्रीमती जैन ने निरीक्षण के दौरान संयंत्र की सम्पूर्ण प्रक्रिया को देखा एवं कार्यपद्धति के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। निगम आयुक्त श्रीमती जैन को अवगत कराया गया कि 12 अक्टूबर 2021 को आदमपुर में सूखे कचरे से टोरिफाईड चारकोल प्लांट के निर्माण एवं संचालन हेतु अनुबंध किया गया था। इस संयंत्र में प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे से टोरिफाईड चारकोल का निर्माण किया जाएगा। संयंत्र के ट्रॉयल रन हेतु गत 03 दिवस में निगम द्वारा 800 टन सूखा कचरा टोरिफाईड चारकोल प्लांट को दिया गया है। पूरे ट्रॉयल रन में लगभग 1800 टन सूखे कचरे को प्रोसेस किया जाएगा। पी.पी.पी. मोड पर लगभग 220 करोड रुपये की लागत से आदमपुर छावनी में 15 एकड़ भूमि पर एन.टी.पी.सी द्वारा यह संयंत्र स्थापित किया गया है। इस प्लांट के संचालन से निगम को सूखे कचरे के निष्पादन पर व्यय होने वाली राशि की बचत होगी और नया लेगसी तैयार नहीं हो पाएगा। निगम आयुक्त श्रीमती जैन को एन.टी.पी.सी के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि बनारस के बाद भोपाल में देश का दूसरा ऐसा शहर है जिसने टोरिफाईड चारकोल संयंत्र स्थापित करने हेतु अनुबंध किया था और बनारस के संयंत्र के संचालन के अनुभव एवं कार्य व्यवहार से सीख लेकर भोपाल के संयंत्र में अपगे्रड टेक्नालॉजी का उपयोग किया गया है। यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश में अपने किस्म का पहला प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से नगर निगम, भोपाल प्रतिदिन शत्-प्रतिशत सूखे कचरे के निष्पादन के लक्ष्यों को प्राप्त करेगा। निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन ने निर्देशित किया कि टोरिफाईड चारकोल संयंत्र का पूर्ण रूपेण संचालन शीघ्रता से किया जाए। हरि प्रसाद पाल / 27 मार्च, 2026