-ईंधन आपूर्ति और एलपीजी संकट पर मंथन, केंद्र सरकार ने हालात पर रखी पैनी नजर नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़े हालात के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार शाम एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप) की पहली बैठक थी, जिसमें देश पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में देश में ईंधन आपूर्ति की स्थिति, एलपीजी की संभावित कमी और अंतरराष्ट्रीय संकट के आर्थिक प्रभाव जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न विकल्पों और रणनीतियों पर विचार किया। शुक्रवार को किया गया इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप का गठन गौरतलब है कि 27 मार्च शुक्रवार को ही राजनाथ सिंह की अगुवाई में इस इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप का गठन किया गया था, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के भारत पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन करना और आवश्यक कदम उठाना है। इससे पहले शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों व उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में कहीं भी लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। प्रधानमंत्री ने अफवाहों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही राज्यों को सतर्क रहने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। सरकार की इस सक्रियता से स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच देश के भीतर आर्थिक और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हिदायत/ईएमएस 28मार्च26