कीव,(ईएमएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा दावा करते हुए रूस और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग की ओर इशारा किया है। जेलेंस्की के अनुसार, सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमले से ठीक पहले रूसी उपग्रहों ने इस सैन्य ठिकाने की कई बार विस्तृत तस्वीरें ली थीं। उन्होंने आशंका जताई है कि रूस ने ये खुफिया जानकारियां ईरान के साथ साझा की हो सकती हैं, जिससे हमले को अंजाम देने में मदद मिली।यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि रूस के सैटेलाइट ने 20 मार्च, 23 मार्च और 25 मार्च को इस एयरबेस की निरंतर निगरानी की थी। इन तस्वीरों के लिए जाने के ठीक एक दिन बाद, 26 मार्च को ईरान ने इस ठिकाने पर भीषण हमला कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में ईरान ने 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागे थे, जिसके परिणामस्वरूप कम से कम 15 सैनिक घायल हुए। घायल सैनिकों में से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रिंस सुल्तान एयरबेस अमेरिका और सऊदी अरब के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक केंद्र माना जाता है। जेलेंस्की ने अपने देश के युद्ध के अनुभव साझा करते हुए कहा कि रूस की कार्यप्रणाली काफी हद तक पूर्वानुमानित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रूसी सैटेलाइट किसी स्थान की एक बार तस्वीर लेते हैं तो वह तैयारी का हिस्सा होता है, दूसरी बार की तस्वीर अभ्यास का संकेत देती है, और यदि तीसरी बार भी तस्वीर ली जाए, तो इसका सीधा अर्थ है कि अगले 24 से 48 घंटों में हमला निश्चित है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए अभी तक कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन वैश्विक सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं। वर्तमान में जेलेंस्की खाड़ी देशों के दौरे पर हैं, जहां वे यूक्रेन की युद्ध-परीक्षित एयर डिफेंस प्रणालियों को साझा करने के लिए रणनीतिक समझौते करने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद से क्षेत्र में अस्थिरता चरम पर है। इस दौरान अब तक 300 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं और कम से कम 13 सैनिकों की जान जा चुकी है। जेलेंस्की का यह बयान रूस और ईरान के बीच बढ़ते रक्षा गठजोड़ को लेकर दुनिया भर की चिंताओं को और गहरा कर सकता है। वीरेंद्र/ईएमएस/29मार्च2026