29-Mar-2026
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- लंबे समय के दर्द से मिलेगी मुक्ति भोपाल (ईएमएस)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में स्पेक्ट-सीटी मशीन के माध्यम से बोन स्कैन की सुविधा शुरू की गई है। यह तकनीक विशेष रूप से उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी जो लंबे समय से पीठ दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं और जिन्हें साधारण जांचों में सही कारण का पता नहीं चल पा रहा है। आज के दौर में पीठ दर्द एक बेहद सामान्य समस्या बन चुकी है, लेकिन कई बार यह मांसपेशियों के बजाय हड्डियों की गंभीर बीमारी का संकेत होता है। एम्स के विशेषज्ञों के अनुसार, रीढ़ की हड्डियों में डिस्क की गड़बड़ी, हड्डियों का संक्रमण, गठिया (सैक्रोइलाइटिस) या कई मामलों में कैंसर तक पीठ दर्द का कारण हो सकते हैं। स्पेक्ट-सीटी मशीन इन जटिल स्थितियों की पहचान करने में सक्षम है, जिससे डाक्टर सही समय पर सटीक उपचार दे सकेंगे। इसलिए खास है स्पेक्ट-सीटी बोन स्कैन आमतौर पर एक्सरे या सीटी स्कैन केवल शरीर की संरचना दिखाते हैं, लेकिन न्यूक्लियर मेडिसिन की यह उन्नत जांच शरीर की संरचना के साथ-साथ उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी भी देती है। यानी यह मशीन न केवल यह बताती है कि हड्डी कहां से खराब है, बल्कि यह भी दिखाती है कि वहां बीमारी कितनी सक्रिय है। इससे शरीर के कूल्हे और रीढ़ के जोड़ों में होने वाली बारीक से बारीक सूजन को भी पकड़ा जा सकता है। लंबे समय के दर्द से मिलेगी मुक्ति एम्स के पीआरओ डा. केतन मेहरा यदि कोई मरीज हफ्तों या महीनों से पीठ दर्द से परेशान है और उसे सामान्य दवाओं से आराम नहीं मिल रहा है, तो वह एम्स के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में संपर्क कर सकता है। संस्थान का लक्ष्य है कि प्रदेश के मरीजों को दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों की दौड़ न लगानी पड़े और भोपाल में ही उन्हें विश्वस्तरीय डायग्नोस्टिक सुविधाएं मिल सकें। एम्स भोपाल अत्याधुनिक संसाधनों के जरिए मरीजों की जटिल समस्याओं का समाधान कर रहा है। स्पेक्ट-सीटी तकनीक से बोन स्कैन करने पर हमें पीठ दर्द के उन कारणों का पता चलता है, जो सामान्य स्कैन में छूट जाते हैं। हमारा उद्देश्य कम समय में सटीक जांच कर मरीज को राहत देना है। विनोद / 29 मार्च 26