-यूपी से छोटी-सी भेंट लेकर दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचा मासूम सरवर नई दिल्ली,(ईएमएस)। अमेरिका और इजराइल युद्ध से तनाव पूर्ण हालात में ईरान को अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। भारत में भी कश्मीर से लेकर केरल तक बड़ी संख्या में लोग ईरान का समर्थ कर रहे हैं, इतना ही नहीं लोग ईरानी दूतावास को मदद भी भेज रहे हैं। कोई दान के तौर पर सहयोग कर रहा तो कोई संदेश के जरिए। ऐसा ही नजारा दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के बाहर उस समय नजर आया जब तीसरी कक्षा में पढ़ने वाला सरवर एंबेसी के बाहर पहुंचा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरवर यूपी के मुजफ्फरनगर से कुछ लोगों के साथ शनिवार को दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचा। वह अपने साथ एक छोटी सी भेंट लेकर आया था। ये सभी लोग ईरान के मीनाब स्कूल पर अमेरिका-इजराइल के हमले के एक महीने बाद एकजुटता दिखाने के लिए एंबेसी पहुंचे थे। इस हमले में 170 स्कूली बच्चियां और शिक्षक मारे गए थे। जब सरवर से ईरानी दूतावास पर आने का कारण पूछा तो वो पहले थोड़ा झिझकता नजर आया। उसने कुछ भी बोलने से पहले अपने पिता की ओर देखा फिर उसकी जो आवाज आई वो करीब-करीब फुसफुसाहट जैसी थी। अपने पिता हैदर मेहंदी के साथ दिल्ली स्थित ईरानी एंबेसी पहुंचे सरवर ने उनके प्रोत्साहन से अपनी बात रखी। उस बच्चे ने धीरे से कहा कि मैं अपने रहबर यानी (ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खामेनेई, जो मौजूदा युद्ध में शहीद हो गए) को खिराज-ए-अकीदत पेश करने आया हूं। मेरे रहबर शहीद हो गए हैं। सरवर के पिता हैदर मेहंदी एक कार मैकेनिक हैं। वो अपने बेटे और कुछ अन्य लोगों के साथ ईरानी दूतावास में अपना सपोर्ट दिखाने के लिए पहुंचे थे। ये पहला मामला नहीं है जब ईरानी दूतावास पर लोग अपनी उपस्थिति जताने पहुंचे हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से दूतावास में लगातार विजिटर्स का तांता लगा हुआ है। केरल, कश्मीर और यूपी समेत देश भर से लोगदान, हस्तलिखित संदेश और समर्थन के प्रतीक लेकर आ रहे हैं। एंबेसी के अंदर का नजारा भी अलग है। वहां एक मिट्टी का गुल्लक दिख रहा, जिसे एक दिन पहले एक अन्य बच्चे ने छोड़ा था। एक मेज पर भारत और ईरान के झंडे और मित्रता के प्रतीक सफेद फूल के साथ रखे थे। सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक पोस्ट में, ईरानी दूतावास ने इस भाव को छोटे लेकिन प्रेम से भरे हाथ बताया है। इसे भारत और ईरान के बीच दया और मित्रता का प्रतीक भी कहा। दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि दान की गई राशि का इस्तेमाल हमले में घायल हुए लोगों के लिए दवाइयां खरीदने में किया जा रहा है। एक अधिकारी ने दवाइयों के डिब्बों से भरे एक कमरे को दिखाते हुए कहा कि हम पहले ही दो खेप भेज चुके हैं और तीसरी करीब 11 टन दवाई मंगलवार को भेजने की तैयारी है। सिराज/ईएमएस 29मार्च26