गुना (ईएमएस)। बजरंगगढ़ स्थित प्रसिद्ध बीसभुजा देवी मंदिर मेले में पिछले दिनों हुए दर्दनाक हादसे ने अंततः एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। मिक्की माउस झूले से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए 7 वर्षीय मासूम आशुतोष पिता नरेंद्र शर्मा ने भोपाल के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। समाज सेवी प्रमोद भार्गव ने इस हृदयविदारक घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आशुतोष की असमय मृत्यु से उसकी माँ के सिर से इकलौता सहारा छिन गया है। बचपन में उठा पिता का साया, अब बेटा भी चला गया शाढ़ौरा (जिला अशोकनगर) निवासी आशुतोष की कहानी अत्यंत मार्मिक है। उसके पिता का निधन आशुतोष के बचपन में ही हो गया था, जिसके बाद माँ संगीता शर्मा ने अपने इस इकलौते बेटे के सहारे ही जीवन के बड़े सपने संजोए थे। रविवार को बीसभुजा देवी के दर्शन करने आई माँ को अंदाजा भी नहीं था कि जिस मिक्की माउस झूले पर वह अपने कलेजे के टुकड़े को खुशी-खुशी बिठा रही है, वही काल बनकर आएगा। अचानक चली तेज हवा के दबाव से हवा भरा झूला डगमगा गया और आशुतोष उछलकर नीचे पत्थरों पर जा गिरा था। प्रशासन और झूला संचालकों की लापरवाही पर सवाल हादसे के बाद आशुतोष को गंभीर हालत में गुना से भोपाल रेफर किया गया था, जहां डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने मेलों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि झूला जमीन से मजबूती से बंधा होता और मौसम बिगड़ने पर संचालक सावधानी बरतते, तो शायद यह जानलेवा हादसा नहीं होता। दो पैसों की कमाई के चक्कर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने एक माँ की गोद सूनी कर दी।।- सीताराम नाटानी