अंतर्राष्ट्रीय
01-Apr-2026
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वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के संदर्भ में जारी सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक रुख पर कड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में अत्यंत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने एक साक्षात्कार के दौरान विश्वास व्यक्त किया कि अमेरिकी सेना द्वारा चलाए जा रहे सैन्य अभियान असाधारण दक्षता का प्रदर्शन कर रहे हैं और वर्तमान में यह अभियान निर्धारित समय सीमा से काफी आगे चल रहा है। मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका अब अपनी मंजिल के बेहद करीब है। उन्होंने इन सैन्य कार्रवाइयों को आधुनिक सैन्य इतिहास के सबसे सफल सामरिक अभियानों में से एक बताया। रुबियो के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जिस सटीकता और प्रभावशीलता के साथ अपने लक्ष्यों को साधा है, वह भविष्य के लिए एक मिसाल कायम करेगा। उन्होंने उन आलोचनाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिनमें यह कहा जा रहा था कि वर्तमान स्थिति को कूटनीति के माध्यम से टाला जा सकता था। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईरान को कई बार बातचीत के अवसर दिए गए थे, लेकिन तेहरान ने हर बार गंभीरता दिखाने के बजाय टालमटोल की रणनीति अपनाई। रूबियो ने जोर देकर कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में इस तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस सैन्य हस्तक्षेप को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि ईरान एक ऐसे अगले उत्तर कोरिया बनने की राह पर था, जिसका नेतृत्व कट्टरपंथी धर्मगुरुओं के हाथ में होता। रुबियो ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते ये कदम नहीं उठाए जाते, तो ईरान के पास ऐसी अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलें विकसित हो जातीं, जो सीधे अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम होतीं। वाशिंगटन के रुख को स्पष्ट करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका भविष्य में भी बातचीत के लिए अपने दरवाजे खुले रखेगा, लेकिन वह कूटनीति को किसी भी प्रकार की देरी करने की चाल के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देगा। उन्होंने साफ किया कि बातचीत की विफलता को अमेरिका की रक्षा करने और किसी भी वास्तविक खतरे को खत्म करने की क्षमता में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। रुबियो का यह बयान अमेरिका के उस दोहरे और सख्त दृष्टिकोण को रेखांकित करता है, जहां एक तरफ सैन्य अभियानों की गति और प्रभावशीलता पर अटूट विश्वास है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कूटनीतिक विकल्पों को सीमित और परिणामोन्मुखी बनाने की तैयारी है। वीरेंद्र/ईएमएस/01अप्रैल 2026