गांधीनगर (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात की राजधानी गांधीनगर के कोबा गांव में जैन विरासत और अहिंसा के मूल्यों को समर्पित नवनिर्मित सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने जैन संतों के साथ महावीर जयंती के मौके पर संग्रहालय का उद्घाटन किया। श्री महावीर जैन आराधना केंद्र में स्थित संग्रहालय का नाम सम्राट संप्रति महाराज (224-215 ईसा पूर्व) के नाम पर रखा गया है, जो सम्राट अशोक के पोते और मौर्य वंश के एक शासक थे, जिन्होंने मुख्य रुप से जैन धर्म और अहिंसा के सिद्धांत का प्रचार-प्रसार किया। एक सरकारी बयान में कहा गया हैं कि संग्रहालय में सदियों पुरानी दुर्लभ जैन कलाकृतियां और पारंपरिक वस्तुएं हैं, जिसमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, लघु चित्र, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल हैं। सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया हैं कि इस संग्रहालय में कई विशाल हॉल हैं जिसमें 2,000 से अधिक वस्तुएं रखी गई हैं और यह संग्रहालय आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव के बारे में कालानुक्रम आधारित समझ प्रदान करता है। इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी ने महावीर जयंती के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं देकर कहा कि सत्य, सद्भाव, सद्व्यवहार और समानता पर आधारित भगवान महावीर के संदेशों में अद्भुत प्रेरणा है और उनके महान विचार सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहे। आशीष दुबे / 31 मार्च 2026