:: इंदौर में समर्पण के प्रतीक महावीर समागम; रामलला के शिल्पियों का हुआ महावीर सम्मान :: इंदौर (ईएमएस)। लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति को देश में लागू हुए वर्ष 2036 में 200 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इससे पूर्व हमें अंग्रेजों द्वारा थोपी गई मानसिक गुलामी के चिन्हों को समाप्त करने पर गंभीरता से विचार करना होगा। सज्जनों का बिखराव ही वास्तव में दुर्जनों की शक्ति होती है; यदि देश के सभी राष्ट्रप्रेमी एकजुट हो जाएं तो भारत माता एक बार फिर विश्व के सर्वोच्च सिंहासन पर विराजित हो सकेंगी। यह प्रेरक विचार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने बुधवार को रवीन्द्र नाट्य गृह में व्यक्त किए। वे संस्था सार्थक द्वारा आयोजित समर्पण के प्रतीक महावीर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इंदौर की सराहना करते हुए कहा कि यह शहर उत्सवों के माध्यम से वैदिक और श्रमण (जैन) परंपरा को जोड़ने वाला एक दुर्लभ सेतु है। :: मुख्यमंत्री ने सराहा समन्वय :: प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में वर्चुअली सम्मिलित होकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने भगवान महावीर और हनुमान जी के गुणों के बीच समन्वय स्थापित करने के इस अभिनव प्रयास को एक गरिमामय पहल बताया। :: रामलला के शिल्पियों का सम्मान :: कार्यक्रम के दौरान अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी दो प्रमुख विभूतियों को महावीर सम्मान से अलंकृत किया गया। जयपुर के मूर्तिकार प्रशांत पाण्डेय, जिन्होंने रामलला की दिव्य मूर्ति को आकार दिया, और लखनऊ के मनीष त्रिपाठी, जो प्रभु की पोशाक तैयार करते हैं, को सम्मानित किया गया। कलाकारों ने इस अवसर पर भावुक होते हुए इसे ईश्वरीय कृपा बताया। :: एक ही चेतना के स्वर : आचार्य लोकेश विशिष्ट अतिथि आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि सनातन और जैन परंपराएं अलग नहीं हैं। भगवान राम और कृष्ण के अवतार जैन धर्म में भी प्रतिष्ठित हैं। जब तक हम समर्पण की भावना से संस्कृति को मजबूत करेंगे, कोई बाहरी शक्ति हमें कमजोर नहीं कर पाएगी। :: दिखी सामाजिक समरसता की झलक :: आयोजन की विशिष्टता इसकी स्वागत परंपरा रही। अतिथियों का सत्कार केवल विशिष्ट वर्ग ने नहीं, बल्कि समाज के हर कोने से आए प्रतिनिधियों ने किया। इनमें सफाई मित्र सोनम संतोष जावा, गोंड समाज के विक्रम मसकोले और गुर्जर समाज के अमर बिरला सहित सिख, जैन और माहेश्वरी समाज के लोग शामिल थे। इस अवसर पर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मंत्री तुलसी सिलावट और संस्था प्रमुख दीपक जैन टीनू सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. विकास दवे ने किया। प्रकाश/01 अप्रैल 2026