क्षेत्रीय
02-Apr-2026
...


- बेंगलुरू से 2 आरोपी गिरफ्तार रायगढ़(ईएमएस)। जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में रिटायर्ड शिक्षक से 23 लाख 28 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हुए रकम ट्रांसफर करवा ली। पुलिस ने इस मामले में बेंगलुरू से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड अब भी फरार है। ग्राम जतरी निवासी 72 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक गरूण सिंह पटेल को 10 अक्टूबर 2025 को अलग-अलग नंबरों से कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से मुंबई में बैंक खाता खोला गया है और वे जांच के दायरे में हैं। ठगों ने गोपनीयता बनाए रखने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर भरोसे में लिया। इसके बाद 25 से 29 अक्टूबर के बीच पीड़ित ने यूपीआई, पेटीएम और आरटीजीएस के जरिए 12 किस्तों में कुल 23,28,770 रुपए आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए धमकी भी दी।मामले की जानकारी मिलने पर पुसौर पुलिस ने आईटी एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रांजैक्शन, यूपीआई आईडी, मोबाइल नंबर और केवाईसी डिटेल खंगालने के बाद आरोपियों का लोकेशन बेंगलुरू में मिला। पुलिस टीम ने बेंगलुरू पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से विग्नेश प्रकाश (29) और स्टीफन थॉमस (54) को गिरफ्तार किया। इनके खातों में ठगी की रकम मिलने पर पुलिस ने 17 लाख रुपए से अधिक की राशि होल्ड करा दी।पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठगी का नेटवर्क कर्नाटक के साथ-साथ दुबई से संचालित हो रहा था। मास्टरमाइंड फिरोज खान उर्फ डॉम्निक दुबई में रहकर गिरोह संचालित कर रहा है। वह डिजिटल अरेस्ट, आधार/सिम लिंकिंग, क्रिप्टो निवेश और फर्जी लोन ऐप्स के जरिए देशभर में ठगी करता था। गिरफ्तार आरोपी विग्नेश और स्टीफन कमीशन के बदले अपने बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे। पुलिस ने दोनों के पास से मोबाइल फोन जब्त कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)02 अप्रैल 2026